डीएम ने निर्माणाधीन राजकीय इण्टर कालेज के निर्माण कार्य में अनियमितता एवं गुणवत्ता का अभाव पाए जाने पर कार्यदायी विभाग से मांगा स्पष्टीकरण।

रिपोर्ट कालिन्दी तिवारी संतकबीरनगर

सत कबीर नगर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत विकास खण्ड सॉथा के ग्राम परसा माफी में राजकीय इण्टर कालेज के निर्माण कार्य में अनियमितता एवं गुणवत्ता का अभाव पाए जाने पर परियोजना प्रबन्धक, उ0प्र0 प्रोजेक्ट कारपोरेशन लि0, यूनिट-23, बस्ती इकाई, बस्ती से 03 दिवस के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है।

उल्लेखनीय है कि उ0प्र0 प्रोजेक्ट कारपोरेशन लि0, यूनिट-23, बस्ती इकाई, बस्ती द्वारा विकास खण्ड सॉथा के ग्राम परसा माफी में राजकीय इण्टर कालेज का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जिसकी कुल लागत 418.114 लाख रुपए है। उक्त निमार्णाधीन राजकीय इण्टर कालेज के भवन का निरीक्षण विभिन्न तिथियों में मुख्य विकास अधिकारी संत कुमार द्वारा किया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा किये गये निरीक्षण में राजकीय इण्टर कालेज परसा माफी में जाँच के समय मौके पर बीम की आर0सी0सी0 में हनीकांब पाया गया, जिससे बीम की रिंग बार दिखायी दे रही थी, इससे यह प्रतीत होता है कि आर0सी0सी0 की मिक्सिंग व वाइब्रेटर का ध्यान नहीं दिया गया है। जाँच के समय मौके पर प्लिंथ बीम का टॉप लेवल अप-डाउन है, जिससे यह प्रतीत होता है कि बीम की ढलाई लेवल में नहीं की गयी है। जाँच के समय कालम की मेन बार स्टील एक हाइट में पायी गयी जो कि डिजाईन के अनुसार एक हाइट में नहीं होनी चाहिए जिससे यह प्रतीत होता है कि क्वालिटी के स्तर पर विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया गया है।
उक्त के अतिरिक्त जिलाधिकारी के निर्देशानुसार खण्ड विकास अधिकारी सम्बद्ध कार्यालय जिला विकास अधिकारी रामानंद, सहायक अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन अजय कुमार तथा अवर अभियंता शिवेन्द्र प्रताप सिंह की गठित त्रिसदस्यीय कमेटी से उक्त निर्माणाधीन भवन की जाँच करायी गयी। जाँच में भवन के कालम में रिंग की स्पेनिंग 300 एम0एम0 पायी गयी जबकि ड्राइंग के अनुसार 200 एम0एम0 होनी चाहिए। कालम में सरिया कटिंग साइज एक समान रखा गया है जबकि सरिया का कटिंग अल्टरनेट होना चाहिए।
ब्लाक सोशल को-आर्डिनेटर द्वारा ग्राम पंचायत परसा माफी की सोशल आडिट की गयी है जिसमें राजकीय इण्टर कालेज परसामाफी के निर्माण पर चर्चा की गयी है। उन्होंने अपनी आख्या में उल्लेख किया है कि निर्माण कार्य में लग रहे ईंट, सीमेंट, बालू आदि का प्रयोग सही नहीं किया जा रहा है।
इसी प्रकार दिनांक 26 फरवरी, 2024 के मुख्य विकास अधिकारी के निरीक्षण में पाया गया कि कालम की स्टील स्लैब लेवल तक नहीं छोड़ी गयी है। किसी भी कालम पर कास्टिंग डेट नहीं डाली गयी है। निरीक्षण के समय अवर अभियंता द्वारा सी0सी0 क्यूब मांगने पर क्यूब नहीं दिखाया गया। रोड पर डाली गयी अधोमानक स्टोन ग्रिट को हटाने का निर्देश दिया गया।
उपरोक्त जांच आख्याओं से स्पष्ट है कि निर्माणाधीन राजकीय इण्टर कालेज भवन के निर्माण में प्रयुक्त की गयी सामग्री मानक के अनुसार नहीं है तथा बीम एवं स्लैब की ढलाई के समय पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है, जिसके कारण उपरोक्त दर्शायी गयी कमियाँ परिलक्षित हुई है जबकि पर्यवेक्षणीय अधिकारी का यह दायित्व होता है कि स्वयं की निगरानी में उक्त कार्य कराया जाता किन्तु कार्यदायी विभाग द्वारा उक्त निर्माण कार्य में शिथिलता बरती गयी है जो लापरवाही का द्योतक है और उपरोक्त निरीक्षण आख्याएं पूर्व में प्रेषित करने के बावजूद उक्त इंगित कमियों का सुधार न करते हुए मनमानेपन का परिचय दिया गया है जो अत्यन्त ही खेदजनक है।
राजकीय इंटर कॉलेज के निर्माण कार्य में उक्त कमियों के दृष्टिगत जिलाधिकारी द्वारा उक्त संदर्भ में परियोजना प्रबन्धक, उ0प्र0 प्रोजेक्ट कारपोरेशन लि0, यूनिट-23, बस्ती इकाई, बस्ती से तीन दिवस के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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