अनुराग लक्ष्य, 28 फरवरी
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,
मुम्बई संवाददाता ।
गोरखपुर की सरजमीन हमेशा अदब और साहित्य की ज़मीन के लिए जानी पहचानी जाती रही है। इस सरजमीन ने हमेशा एक से एक नामचीन शायरों को आवाम के बीच रोशन किया है।
इसी क्रम में जनवादी कवि और शायर सुरेन्द्र शास्त्री कi तबियत खराब ही जाने की खबर ने गोरखपुर वासियों के अदबी और साहित्यिक गहवारों में शोक की लहर है, सिर्फ यह सोचकर कि उनका चहेते शायर के साथ कहीं कोई अनहोनी न घट जाए।
आपको बताते चलें कि सुरेंद्र शास्त्री को हिंदी और उर्दू शायरी में की गई उनकी उत्कृष्ट रचनाओं के लिए हमेशा याद किया जाता रहा है।
,,यह सदी हमको कहां ले जायेगी
यह त्रासदी हमको कहां ले जायेगी
पूछती हैं मछलियों से मछलियां
यह नदी हमको कहां ले जायेगी,,,
जैसी अनगिनत रचनाओं ने हमेशा साहित्य प्रेमियों के दिलों में हमेशा जगह बनाई है।
94 वर्षीय सुरेन्द्र शास्त्री पेट में किसी संकर्मड की वजह से पिछले चार दिनों से गंभीर हालत में ज़िंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। ईश्वर उनको जल्द ही अच्छी सेहत के साथ गोरखपुर वासियों के बीच आने की तौफीक आता करे।