अयोध्या सरयू तट पर 100 कुंडी लक्षचंडी महायज्ञ के शुभारंभ पर गुरुवार को शोभा यात्रा निकल गई।इसमें पहले यज्ञ के मुख्य यजमान तिलकराज शर्मा कानपुर ने संकल्प पूजन किया। वरुण देवता की प्रसन्नता के लिए सरयू तट पर पूजन हुआ फिर शोभायात्रा निकल गई ।शोभायात्रा में 17 00 वैदिक विद्वान 100 हवन कुंड पर पूजन करने वाले यजमान 108 कलश धारी महिलाओं व बड़ी संख्या में भक्त शोभायात्रा में शामिल हुए। यज्ञ स्थल पर वरुण देवता को विराजित कर एक यज्ञशाला में मंडप प्रवेश पंचांग पूजन आदि अनुष्ठान पूर्ण किए गए। 17 दिनों दिवसीय महायज्ञ में 1700 विद्वान एक लाख श्रीराम सूक्त व एक लाख गड़पति अर्थवशीर्ष का पाठ करेंगे दस हजार चंडी पाठ से हवन होगा।शोभा यात्रा की अगुवाई के मुख्य यज्ञ संयोजक प्रखर जी महाराज, जगतगुरू राघवाचार्य, राघवेंद्र मिश्र, इंदु शुक्ला, समेत बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी रही।