दोषी कर्मचारी ,अधिकारी दंडित किये जाएंगे- आयुक्त

बस्ती 22 दिसम्बर ग्राम पंचायत संबंधित शिकायत जांच में गलत पाए जाने पर एफिडेविट देने वाले शिकायतकर्ता के विरुद्ध कार्यवाही करने के लिए मंडलायुक्त ने सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया है। सभागार में आयोजित मासिक मण्डलीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के कार्यों की निरंतर शिकायतें प्राप्त होती रहती हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित समय सीमा में जांच पूरी की जाए तथा दोषी अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। यदि शिकायत गलत पाई जाती है, तो शिकायतकर्ता के विरुद्ध भी कार्यवाही की जाए। प्रायः शिकायतकर्ता शिकायत न देने संबंधी बयान देते हैं, इसलिए आवश्यक है कि जांच से पूर्व शिकायतकर्ता से शिकायत की एवं उनके द्वारा दिया गया एफिडेविट का सत्यापन करा लिया जाए। समीक्षा में उन्होंने पाया कि बस्ती में लगभग 100 ऐसे शिकायतकर्ताओं को नोटिस भी जारी की गई है। माह अक्टूबर तक कुल 300 शिकायते प्राप्त हुई थी, जिनकी जांच की जा रही है। इसी प्रकार सिद्धार्थनगर में भी 117 ग्राम पंचायत के कार्यों की जांच की जा रही है।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिया है कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित निपुण परीक्षा आकलन में नीचे से 10 विद्यालयों को चिन्हित करके उनके अध्यापकों एवं संबंधित एबीएसए के विरुद्ध भी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि निचले स्तर के परिणाम वाले विद्यालयों कि प्रत्येक माह आकलन भी कराया जाए ताकि यहां के विद्यार्थी के शिक्षण में सुधार हो सके। उन्होंने कहा कि मध्यान भोजन के समय छात्र-छात्राओं की उपस्थिति 72.5 प्रतिशत बताई जा रही है परंतु शिक्षण कार्य के समय वास्तविक उपस्थित सत्यापित की जानी चाहिए। इसके लिए उन्होंने ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कायाकल्प के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय में फर्नीचर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों को आगामी लोकसभा निर्वाचन में मतदेय स्थल बनाया गया है, वहां सभी आवश्यक सुविधाएं बिजली, पानी, शौचालय, रैम्प, फर्नीचर, दरवाजे, खिड़की सही कराए जाएं।
मंडलायुक्त ने पशुपालन विभाग के कार्यों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कार्यों में सुधार करने का निर्देश दिया है। समीक्षा में उन्होंने पाया कि सिद्धार्थनगर के पिपर्सन गोआश्रय स्थल में अगस्त माह, चिचराबुजुर्ग में मई तथा संतूरी में जुलाई 2023 से केयरटेकर का मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जबकि अपर निदेशक पशुपालन द्वारा बताया गया कि मंडल के सभी केयरटेकरों का भुगतान अक्टूबर तक कर दिया गया है। महरिया गोआश्रय स्थल में किसी भी पशु का टैगिंग नहीं पाया गया, जबकि बढ़नी में 97 तथा बिस्कोहर में 50 पशुओं का टैगिंग नहीं पाया गया। पशुओं का टीकाकरण की रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड नहीं पाई गई, जिसके कारण प्रदेश में मंडल की स्थिति खराब बनी हुई है। मंडलायुक्त ने सहभागिता योजना के अंतर्गत पशुओं को स्थानीय लोगों को सुपुर्दगी करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया है कि 16 जनवरी को प्रत्येक जिले में आयोजन करके लक्ष्य पूरा किया जाए। बस्ती में 1400, संत कबीर नगर में 1111 तथा सिद्धार्थनगर में 1381 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य निर्धारित है। उन्होंने कहा कि इस दौरान सामग्री खरीद के लिए टेंडर आदी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, कार्यक्रम स्थल चिन्हित कर लिया जाए तथा वैवाहिक जोड़ों का अकाउंट नंबर एकत्र कर लिया जाए ताकि समय से धनराशि ट्रांसफर की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि योजना में कार्य करने वाले लेखपालों का मानदेय का 58 लाख रुपया भारत सरकार से प्राप्त हो गया है। सभी लेखपालों की सूची उनका अकाउंट नंबर कार्य सत्यापन करते हुए जिले के उपनिदेशक कृषि को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि उसका भुगतान किया जा सके।
मंडलायुक्त ने निर्देशित किया है कि तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने तैनाती मुख्यालय पर रात्रि निवास अवश्य करें। सभी जिलाधिकारी तथा सीडीओ इसकी समय-समय पर जांच कराए। उन्होंने निर्देश दिया कि शासन से प्राप्त धनराशि के सापेक्ष शतप्रतिशत कंबल वितरण करना सुनिश्चित करें। रैन बसेरा की व्यवस्था का नियमित निरीक्षण कराएं तथा आइजीआरएस शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि मंडलीय बैठकों तथा मुख्य सचिव की वीसी में दिए गए निर्देशों का अनुपालन करते हुए अनुपालन आख्या अवश्य भिजवाएं।
उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय अतिरिक्त ऊर्जा, प्रधानमंत्री आवास योजना, उद्योग स्थापना, भवन सड़क एवं सेतु निर्माण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर जल, स्वच्छ भारत अभियान, पर्यटन, व्यावसायिक शिक्षा, एक जनपद एक उत्पाद, टूल किट वितरण, पारिवारिक लाभ योजना, सिल्ट सफाई, जिला सहकारी बैंकों के ऋण वसूली आदि की समीक्षा किया। बैठक का संचालन संयुक्त विकास आयुक्त पद्मकांत शुक्ला ने किया। इसमें जिलाधिकारी सिद्धार्थ नगर पवन अग्रवाल, संत कबीर नगर महेन्द्र सिंह तंवर, सीडीओ जयदेव सीएस, जयेंद्र कुमार, संत कुमार, अपर आयुक्त प्रशासन राजीव पांडे, अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. नीरज पांडेय, संयुक्त निदेशक कृषि अविनाश चंद्र तिवारी, उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या अमजद अली अंसारी, अपर निदेशक कोषागार आत्म प्रकाश बाजपेई तथा विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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