सद्गुरु कबीर साहेब के आदर्शों का करें अनुसरण: राकेश कुमार

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या 21 अक्टूबर 2026। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी अश्विन शुक्ल नवमी तिथि पर श्रीकबीर धर्म मंदिर जियनपुर, अयोध्या में तीन दिवसीय सांप्रदायिक सौहार्द कबीर मेला का शुभारंभ हुआ। अवसर श्रीकबीर धर्म मंदिर के संस्थापक स्वरूपलीन सदगुरु रामसूरत साहेब और निर्माता उदार साहेब के पुण्य स्मृति का है।
विचार गाेष्ठी में कबीर मेले के मुख्य उद्घाटनकर्ता राज्य सूचना आयुक्त राकेश कुमार ने कहा कि सदगुरु कबीर साहेब जैसा संत ना इस संसार में हुआ है और ना हाेगा। उन्होंने समाज को एक सही आइना दिखाया। उनका मानना था कि इस समाज में ना काेई छाेटा है, ना काेई बड़ा, ना काेई ऊंचा, ना काेई नीचा। सभी लाेग बराबर हैं कबीर साहेब निर्गुण उपासक थे। हम सबकाे कबीर के आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए और उनके विचाराें काे अपने व्यवहारिक जीवन में उतारें। मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाइकाेर्ट के निवर्तमान जस्टिस सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि हम सब सदगुरु कबीर साहेब के विचारों काे अपने चरित्र में उतारने का प्रयास करें। कबीर साहेब ने वाह्य आडंबर, रूढ़िवादिता का हमेशा विरोध किया। उनके आदर्श समाज के लिए सर्वाेपरि हैं। वह एक अच्छे समाज सुधारक थे। उनका आदर्श समाज के लिए प्रेरणादायी रहा है। सदगुरू कबीर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। मुख्य वक्ता लखनऊ हाइकाेर्ट के अधिवक्ता एमबी सिंह ने कहा कि निर्गुण उपासना द्वारा सदगुरु कबीर साहेब ने भक्ति का मार्ग चुना। समाज के परिवर्तन में उनका बहुत बड़ा योगदान है।
श्रीकबीर धर्म मंदिर जियनपुर के अध्यक्ष आचार्य महंत उमाशंकर दास ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने सन् 2005 में कबीर मेला की शुरुआत की थी। यह 21वां सांप्रदायिक सौहार्द कबीर मेला है। इस मठ की स्थापना सदगुरु रामसूरत साहेब ने की थी। जिनकी पुण्य स्मृति में हर साल कबीर मेले का आयोजन हाेता है। विश्व कबीर विचार मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत मनमोहन साहेब ने कहा कि सदगुरु कबीर दास ने अपने ज्ञान के द्वारा वाह्य आडंबर, छुआछूत दूर किया। उन्होंने समरसता का संदेश दिया। उनके आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है।
साकेत छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष रामचंदर वर्मा ने कहा कि संत कबीर दास ने सामाजिक समरसता काे स्थापित कर रूढ़िवादिता, सामाजिक अन्याय, अत्याचार काे समाप्त किया।
विचार गाेष्ठी में महंत गाेविंद दास शास्त्री, महंत केशव साहेब, महंत रामप्रसाद साहेब, महंत विवेक ब्रह्मचारी, महंत दुर्गेश साहेब, समाजसेवी सुरेश यादव, प्राे. अनिल विश्वकर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इससे पहले पूर्व जस्टिस, राज्य सूचना आयुक्त, संत-महंताें समेत अन्य लोगों ने मठ के संस्थापक सद्गुरु रामसूरत साहेब व मठ के निर्माता उदार साहेब की चूड़ामणि चाैराहा स्थित समाधि स्थली पर जाकर श्रद्धासुमन भी अर्पित किया। वहीं श्रीकबीर धर्म मंदिर सेवा समिति जियनपुर के अध्यक्ष आचार्य महंत उमाशंकर दास द्वारा आए हुए अतिथियों, संत-महंत और धर्माचार्यों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। गाेष्ठी में महंत वीरेंद्र दास, महंत सुकृति साहेब, महंत साधुशरण दास, राधेश्याम दास, साध्वी ज्योति पांडेय, धनंजय दास, प्राे. आरके सिंह, डॉ. दिलीप सिंह, अनूप जायसवाल, मुलायम यादव, विष्णु यादव, डॉ. दिलीप तिवारी, आदित्य पटेल, प्राचार्य निर्मल वर्मा, पूर्व प्रधान गुरचरण यादव, डॉ. आलाेक रंजन, रामउजागिर, जाेखू यादव, रामशंकर निराला, रामचरन, सीएम पटेल, डॉ. राजेश पटेल, रामअभिलाख वर्मा, जगदीश, राजेश वर्मा आदि माैजूद रहे।