वरि. कवि पंडित रामजी मिश्र के जन्मोत्सव पर ‘त्वदीयं वस्तु तुभ्यमेव समर्पये’ ई पुस्तक का विमोचन सम्पन्न:

वरि. कवि पंडित रामजी मिश्र के जन्मोत्सव पर ‘त्वदीयं वस्तु तुभ्यमेव समर्पये’ ई पुस्तक का विमोचन सम्पन्न:

 

वरिष्ठ कवि/साहित्यिकार पंडित रामजी मिश्र ‘चित्रकार’ के जन्मोत्सव पर ‘त्वदीयं वस्तु तुभ्यमेव समर्पये’ ई पुस्तक भाग-31 का विमोचन डा. राजीव रंजन मिश्र ने 21 अक्टूबर को आभासी माध्यम से करते हुए संस्थान की ओर से उपहार स्वरूप प्रदान किया ।

उक्त पत्रिका में संबंधित रचनाकार की रचनाओं की समीक्षाओं को संकलित कर प्रकाशित कर उनके जन्मदिन पर उपहार स्वरूप प्रदान करने की परंपरा का निर्वाह करने का एक अनूठा प्रयास है। जिसमें संस्थान द्वारा आयोजित साप्ताहिक लेखन में तमाम साहित्यकारो आमंत्रित रचना की समीक्षा कराकर संकलित और प्रकाशित किया जाता है। ई पुस्तक के संपादन/अलंकरण/प्रकाशन का दायित्व भी संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा निर्वहन किया जाता है।जिनकी मेहनत ई पुस्तक में साफ दिखतीहै।

कार्यक्रम का शुभारंभ छंदाचार्य डॉ लवकुश तिवारी माधवपुरी की वाणी वंदना से हुआ। तत्पश्चात डॉ. कृष्ण कांत मिश्र ने अभ्यागत अतिथियों का स्वागत किया।

विमोचन करते हुए डॉ राजीव रंजन मिश्र जी ने अपनी और नवोदय परिवार की ओर से जन्मदिन की बधाइयाँ शुभकामनाएं देते हुए पुस्तक को विमोचित कर उन्हें समर्पित किया।

इसके बाद मुख्य अतिथि राजेन्द्र प्रसाद पाण्डेय गड़बड़ प्रतापगढ़ी, सम्मानित अतिथि नवल किशोर सिंह, मीडिया अधीक्षक डॉ सुधीर श्रीवास्तव ने शुभेच्छा वक्तव्य दिया।

इस शुभअवसर पर मंच के संस्थापक डा. ओम प्रकाश मिश्र ‘मधुब्रत’, अध्यक्ष कृष्ण कान्त मिश्र, मीडिया अधीक्षक सुधीर श्रीवास्तव, वरिष्ठ परामर्शदाता व छन्दाचार्य लवकुश तिवारी, डॉ. जे. एन. भारती बैरागी, विशेष शर्मा, अनु तोमर, संजीव भटनागर, एकता गुप्ता, अमिता गुप्ता, रंजना बिनानी, रूपा माला, शशिकला नायक तथा मंच से जुड़े तमाम पदाधिकारियों के साथ-साथ अनेक साहित्यिक मनीषियों ने आ. गुरूदेव पंडित रामजी मिश्र को अपनी बधाइयां, शुभकामनाएं प्रेषित किया। अंत में आ. विशिष्ट अतिथि गुरुदेव डॉ रामजी द्वारा आशीर्वचन दिया किया। शशिकला नायक ने सभी उपस्थित मनीषियों का आभार ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संस्थान की कार्यकारी अध्यक्ष डा. पूर्णिमा पाण्डेय पूर्णा के स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

और अंत में डॉ जे एन भारती बैरागी के अध्यक्षीय वक्तव्य के बाद अध्यक्षीय अनुमति से संचालक डॉ ओम प्रकाश मिश्र मधुब्रत ने कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।