आयुष डॉक्टरों के लिए बड़ी राहत, एन ओ सी की अनिवार्यता समाप्त करने का अनुरोध
भोपाल। मध्य प्रदेश में आयुष चिकित्सकों को क्लीनिक संचालन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों से राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। मध्य प्रदेश आयुष डॉक्टर एसोसिएशन के प्रयासों के बाद मध्य प्रदेश आयुर्वेदिक तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एवं प्राकृतिक चिकित्सा बोर्ड ने मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र भेजकर आयुष क्लीनिकों के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र एन ओ सी तथा बायोमेडिकल वेस्ट प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता समाप्त करने का अनुरोध किया है।
बोर्ड के रजिस्ट्रार डॉ. हरी प्रकाश शर्मा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव को भेजे पत्र में कहा कि पंजीकृत आयुष चिकित्सक अपने क्लीनिकों में मुख्य रूप से देशी जड़ी-बूटियों एवं उनसे निर्मित औषधियों का उपयोग करते हैं अथवा मरीजों को परामर्श और प्रिस्क्रिप्शन देते हैं। ऐसे क्लीनिकों में सामान्यतः संक्रामक या गंभीर बायोमेडिकल कचरा उत्पन्न नहीं होता। इसलिए निरीक्षण के दौरान एन ओ सी और बायोमेडिकल वेस्ट प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता को लेकर चिकित्सकों को होने वाली परेशानी पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में आयुष विभाग के प्रमुख सचिव शोभित जैन (IAS) से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया था। पत्र में विधायक सचिन बिरला तथा उप-मुख्यमंत्री के विशेष सहायक चंद्र प्रताप गोहल के पत्रों का भी उल्लेख किया गया है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजीम खान ने प्रमुख सचिव शोभित जैन और रजिस्ट्रार डॉ. हरी प्रकाश शर्मा के प्रति आभार जताते हुए प्रदेश के आयुष चिकित्सकों को बधाई दी। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगा।