गुरु के प्रति कृतज्ञता ही सच्ची श्रद्धा : प्रो. डॉ. नवीन सिंह

गुरु के प्रति कृतज्ञता ही सच्ची श्रद्धा : प्रो. डॉ. नवीन सिंह

 

शिक्षक दिवस पर प्रोफेसर डॉ. सिया प्रताप सिंह सहित वरिष्ठ शिक्षाविदों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

 

लवकुश सिंह संवाददाता

अनुराग लक्ष्य न्यूज बस्ती

 

बस्ती। शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रो. डॉ. नवीन सिंह, राष्ट्रीय महासचिव, विश्व संवाद परिषद योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा प्रकोष्ठ, भारत ने प्रोफेसर डॉ. सिया प्रताप सिंह सहित वरिष्ठ शिक्षाविदों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

 

प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने कहा कि गुरु केवल ज्ञान प्रदान करने वाले व्यक्ति नहीं होते, बल्कि वे जीवन को सही दिशा देने, संस्कारों को मजबूत करने और व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुरु का मार्गदर्शन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक होता है।

 

उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च और सम्माननीय रहा है। गुरु अपने ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने तथा निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। शिक्षक दिवस उन सभी गुरुजनों के प्रति सम्मान, श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया है।

 

इस अवसर पर प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने प्रो. डॉ. सिया प्रताप सिंह, प्रो. डॉ. माता प्रसाद खेमका, प्रो. डॉ. जगदीश प्रसाद अग्रवाल, प्रो. डॉ. अर्चना दुबे, प्रो. जी.सी. अग्रवाल एवं प्रो. ए.के. शुक्ला के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। उन्होंने कहा कि इन वरिष्ठ शिक्षाविदों का ज्ञान, अनुभव एवं मार्गदर्शन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहे।

 

उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की वह शक्ति हैं, जो केवल विद्यार्थियों का भविष्य नहीं बनाते, बल्कि एक बेहतर समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव भी तैयार करते हैं। गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता हमारी संस्कृति की महत्वपूर्ण पहचान है।

 

गुरु वंदना

 

“गुरु वो दीपक हैं, जो राह दिखाते हैं,

अंधियारे जीवन में उजियारा लाते हैं।

ज्ञान की ज्योति से मन को सजाते हैं,

गिरकर भी फिर उठना हमें सिखाते हैं।”