राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के तहत नुक्कड़ नाटक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के तहत नुक्कड़ नाटक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

एमबीबीएस विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक एवं हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से दिया संदेश

मेडिकल कॉलेज में आयोजित हुआ कार्यक्रम

बहराइच 05 सितम्बर। महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय, बहराइच में शुक्रवार को राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 2026 के उपलक्ष्य में प्रधानाचार्य डॉ. प्रो. संजय खत्री की अध्यक्षता में नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को मरणोपरांत नेत्रदान के लिए प्रेरित करना, नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियों एवं आशंकाओं को दूर करना तथा अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए जागरूक करना रहा।

इस अवसर पर एमबीबीएस विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोली बनाकर, हस्ताक्षर अभियान चला कर तथा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नेत्रदान के महत्व का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने बताया कि मरणोपरांत नेत्रदान से जरूरतमंद व्यक्तियों को दृष्टि प्रदान करने में मदद मिल सकती है। वहीं चिकित्सालय के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों द्वारा जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन कर नेत्रदान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।

जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. प्रो. संजय खत्री ने कहा कि, “नेत्रदान महादान है। हमारे जाने के बाद हमारी आँखें किसी ऐसे व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकती हैं, जो अंधकार में जीवन जीने को मजबूर है। नेत्रदान केवल किसी व्यक्ति की दृष्टि लौटाने का माध्यम नहीं, बल्कि एक परिवार के जीवन में उम्मीद और खुशियाँ वापस लाने का पुनीत कार्य है।” उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रत्येक व्यक्ति को मरणोपरांत नेत्रदान का संकल्प लेना चाहिए और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं आमजन से “नेत्रदान करें, किसी के जीवन में रोशनी भरें” के संदेश के साथ अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस. के. वर्मा ने कहा, “नेत्रदान एक पुण्य कार्य है, जो किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी ला सकता है। आइए, हम सभी नेत्रदान के प्रति जागरूक हों और समाज में इसके लिए लोगों को प्रेरित करें। नेत्रदान करें, अंधकार मिटाएं और किसी के जीवन में नई रोशनी लाएं।” नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजलि सिंह ने कहा, “नेत्रदान एक महान सामाजिक सेवा है। हमारे मरणोपरांत दान किए गए नेत्र किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी ला सकते हैं। आइए, राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के अवसर पर हम सभी नेत्रदान के प्रति जागरूक हों और दूसरों को भी नेत्रदान के लिए प्रेरित करें। नेत्रदान करेंकृकिसी के जीवन में रोशनी भरें।”

कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों ने लोगों को नेत्रदान की प्रक्रिया, इसके महत्व तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों के संबंध में जानकारी दी और लोगों से नेत्रदान का संकल्प लेने की अपील की। कार्यक्रम में डॉ. सूरज मिश्रा (नेत्र रोग विभाग), डॉ. बृजेश, हॉस्पिटल मैनेजर, नर्सिंग अधीक्षिका सहित चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, कर्मचारी एवं एमबीबीएस छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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