समाज सेवा ही जीवन का परम कर्तव्य समाजसेवी श्रीचंद यादव ने जानकी घाट बड़ा स्थान के महंत जन्मेजय शरण से लिया आशीर्वाद

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। समाज सेवा को ही जीवन का एकमात्र उद्देश्य मानने वाले सुप्रसिद्ध समाजसेवी श्रीचंद यादव ने अयोध्या स्थित ‘जानकी घाट बड़ा स्थान’ पहुंचकर वहां के महंत जन्मेजय शरण महाराज से भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। महंत जन्मेजय शरण ने श्रीचंद यादव के समाज कल्याण के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर जनसेवा पथ पर अग्रसर रहने का आशीर्वाद दिया। जनहित में समर्पित है व्यक्तित्व श्रीचंद यादव अपनी निस्वार्थ सेवा भावना के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखते हैं। गौ सेवा, बंदरों को भोजन कराना, निर्धन एवं लाचार व्यक्तियों की मदद करना और गरीब छात्राओं की शिक्षा में सहयोग करना उनके दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उनकी सादगी और भावुक हृदय उन्हें अन्य लोगों से अलग खड़ा करता है। लोग उन्हें एक ऐसे समाजसेवी के रूप में जानते हैं जो किसी भी जरूरतमंद की पुकार पर तत्काल मदद के लिए तत्पर रहते हैं। पूर्व पार्षद के रूप में भी रहा सराहनीय कार्यकाल
बता दें कि श्रीचंद यादव पूर्व में अपने विकास क्षेत्र से पार्षद भी रह चुके हैं। पार्षद के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जो जनहित के कार्य किए, वे आज भी क्षेत्र की जनता के बीच चर्चा का विषय रहते हैं। उनकी कार्यशैली और जनता के प्रति समर्पण के कारण आज भी स्थानीय लोग उनके उस दौर के विकास कार्यों को याद करते हैं।
इस अवसर पर समाजसेवी श्रीचंद यादव ने कहा कि “समाज सेवा ही मेरा परम धर्म है। जनता की सेवा करना ही मुझे आत्मिक संतुष्टि देता है और इसी उद्देश्य के साथ मैं सदैव समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा के लिए तत्पर रहूंगा।