लखनऊ, उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थानीय रोजगार, कौशल विकास और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश के सभी 18 मंडलों में ‘ब्लू डॉट्स एआई’ पहल का शुभारंभ कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत मुजफ्फरनगर से की गई, जहां व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने प्रदेश के पहले संयुक्त सुविधा केंद्र का उद्घाटन किया।गाजियाबाद में सफल परीक्षण परियोजना के बाद अब इस डिजिटल पहल का विस्तार पूरे उत्तर प्रदेश में किया गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय युवाओं, महिलाओं और कुशल श्रमिकों को उनके आसपास उपलब्ध रोजगार के अवसरों से सीधे जोड़ना तथा उद्योगों को प्रशिक्षित और योग्य मानव संसाधन उपलब्ध कराना है।उद्घाटन अवसर पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय प्रतिभा और स्थानीय उद्योगों के बीच की दूरी समाप्त करना चाहती है। उन्होंने बताया कि अब युवा अपनी स्थानीय भाषा में ध्वनि आधारित सुविधा के माध्यम से भी इस मंच से जुड़ सकेंगे और अपने क्षेत्र में उपलब्ध रोजगार की जानकारी अपने मोबाइल पर आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। वहीं उद्योगों और उद्यमों को भी अपने आसपास उपलब्ध योग्य अभ्यर्थियों तक त्वरित पहुंच मिलेगी।उन्होंने कहा कि जब स्थानीय कौशल और स्थानीय उद्योग एक-दूसरे से जुड़ेंगे, तब आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का लक्ष्य और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने इस पहल को सफल बनाने में विभागीय अधिकारियों, जिला प्रशासन और सहयोगी संस्थाओं की भूमिका की सराहना भी की।यह पहल व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित की जा रही है। इसके माध्यम से युवाओं, महिलाओं, प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योगों और नियोजकों को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ा जाएगा, जिससे रोजगार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।मंत्री ने बताया कि गाजियाबाद में संचालित परीक्षण परियोजना के परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे। कुछ ही महीनों में 16 हजार से अधिक स्थानीय रोजगार अवसरों और 15 हजार से अधिक इच्छुक अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया गया। यह सफलता सीमित क्षेत्र में प्राप्त हुई, जिससे पूरे प्रदेश में इस योजना की व्यापक संभावनाएं स्पष्ट होती हैं।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी समस्या यह है कि रोजगार के अवसर और योग्य अभ्यर्थी एक ही क्षेत्र में उपलब्ध होने के बावजूद जानकारी के अभाव में एक-दूसरे तक नहीं पहुंच पाते। इसके कारण उद्योगों को आवश्यक मानव संसाधन नहीं मिल पाता और युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ता है। यह नई व्यवस्था इस समस्या का प्रभावी समाधान प्रदान करेगी।मुजफ्फरनगर में स्थापित पहला संयुक्त सुविधा केंद्र क्षेत्रीय समन्वय, निगरानी और सेवा वितरण का प्रमुख केंद्र होगा। आगामी चरणों में प्रदेश के सभी 18 मंडलों में ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से जिला उद्योग केंद्र, श्रम विभाग, रोजगार कार्यालय, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, पॉलिटेक्निक, उच्च शिक्षण संस्थान, उद्योग संगठन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, नवाचार आधारित उद्यम तथा अन्य स्थानीय संस्थाएं एकीकृत रूप से कार्य करेंगी।प्रदेश सरकार का मानना है कि यह पहल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने, युवाओं को अपने क्षेत्र में ही अवसर उपलब्ध कराने और उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।