*महंत रामनयन दास पर फिर हमला, तीसरी एफआईआर के बाद प्रशासन पर उठाए सवाल*

 

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के
नरहन स्टेट मंदिर के महंत रामनयन दास ने एक बार फिर अपने ऊपर हमले का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। महंत का कहना है कि लगातार हमले होने के बावजूद पुलिस केवल मुकदमे दर्ज कर रही है, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है महंत रामनयन दास के अनुसार, इससे पहले भी उनके द्वारा थाना कोतवाली अयोध्या में मुकदमा अपराध संख्या 283/26 और 428/26 दर्ज कराया जा चुका है। इसके बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं मिल सकी और हमले की घटनाएं लगातार जारी हैं ताजा मामले में कोतवाली अयोध्या में एफआईआर संख्या 467/2026 दर्ज की गई है। दर्ज मुकदमे के अनुसार, घटना 18 जून 2026 की सुबह लगभग 3:30 बजे सरयू तट पर हुई। महंत ने आरोप लगाया है कि जब वह प्रतिदिन की भांति स्नान और पूजा-अर्चना के लिए सरयू घाट गए थे, तभी संदीप निषाद, बबलू चौहान तथा दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। शिकायत में आरोप है कि हमले के दौरान उनके सिर में चोट आई और जान से मारने की धमकी भी दी गई पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि महंत का आरोप है कि पूर्व में दर्ज मामलों में भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं महंत रामनयन दास ने प्रशासन से तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या आगमन पर वह अपनी बात सीधे उनके समक्ष रखने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वह कठोर कदम उठाने को विवश हो सकते हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं इस घटना के बाद साधु-संतों और स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।