लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण तथा संवर्धन के लिए संचालित संग्रहालय विकास योजनाओं को गति देते हुए विभिन्न जनपदों में निर्माणाधीन संग्रहालयों और स्मृति स्थलों के लिए करोड़ों रुपये की धनराशि जारी की है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Jaiveer Singh ने बताया कि संग्रहालय निदेशालय के अधीन संचालित परियोजनाओं के लिए अप्रैल 2026 तक आवश्यक धनराशि की प्रथम किश्त कार्यदायी संस्थाओं को उपलब्ध करा दी गई है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। किसी भी प्रकार की निम्नस्तरीय सामग्री के प्रयोग पर संबंधित संस्था के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।मंत्री ने बताया कि Varanasi के लमही स्थित मुंशी प्रेमचंद स्मृति संग्रहालय एवं पुस्तकालय में आंतरिक सज्जा, प्रदर्शन व्यवस्था और अन्य विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ 60 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। वहीं Firozabad में कांच संग्रहालय के विकास और प्रदर्शन व्यवस्था के लिए 4 करोड़ 40 लाख 54 हजार रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।इसी प्रकार Deoria में पुरानी कचहरी परिसर स्थित शहीद रामचन्द्र विद्यार्थी स्मृति स्थल के विकास, प्रदर्श व्यवस्था और आंतरिक सज्जा के लिए 30 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। यह परियोजना स्वतंत्रता संग्राम और क्षेत्रीय इतिहास से जुड़ी स्मृतियों को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।पर्यटन मंत्री ने बताया कि राजधानी Lucknow स्थित संग्रहालय में सुदृढ़ीकरण, नवीनीकरण और उन्नयन कार्यों के लिए भी पर्याप्त धनराशि स्वीकृत की गई है। बाल दीर्घा के समेकित विकास, विभिन्न गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, उद्यान विकास तथा अन्य उन्नयन कार्यों के लिए 1 करोड़ 98 लाख 13 हजार रुपये जारी किए गए हैं।इसके अतिरिक्त Jhansi के राजकीय संग्रहालय के विकास और सुदृढ़ीकरण कार्यों के लिए 3 करोड़ रुपये तथा Kushinagar के राजकीय बौद्ध संग्रहालय के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए 15 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। कुशीनगर में चल रही यह परियोजना बौद्ध पर्यटन को नई पहचान देने में सहायक होगी।जयवीर सिंह ने बताया कि लखनऊ राज्य संग्रहालय परिसर स्थित पुरानी कोठी में भोजनालय तथा नव निर्मित पुस्तकालय की स्थापना के लिए 4 करोड़ 59 लाख 10 हजार रुपये जारी किए गए हैं। वहीं संग्रहालय भवन के भूमिगत कक्षों के सुदृढ़ीकरण और आधुनिक भंडारण व्यवस्था की स्थापना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 4 करोड़ 60 लाख 49 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इस योजना पर कार्य तेजी से चल रहा है।उन्होंने बताया कि संग्रहालय परिसर में सीवर लाइन, वर्षा जल संचयन संयंत्र और नलकूप स्थापना के लिए 1 करोड़ 74 लाख 66 हजार रुपये जारी किए गए हैं। इसके साथ ही विदेशी मूर्तिकला दीर्घा की मूर्तियों को संग्रहालय परिसर में अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित कर प्रदर्शित करने के लिए 1 करोड़ 59 लाख 88 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। इस कार्य की प्रगति लगभग 95 प्रतिशत हो चुकी है और शेष कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार संग्रहालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करते हुए उन्हें इतिहास, संस्कृति, साहित्य और ज्ञान के सशक्त केंद्रों के रूप में विकसित कर रही है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, शोध एवं अध्ययन की नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा प्रदेश की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्राप्त होगी।