गहरे पानी में डूब रहे थे गोंडा के तीन श्रद्धालु, त्वरित रेस्क्यू के बाद श्रीराम अस्पताल में भर्ती
महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। थाना कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के अंतर्गत शुक्रवार सुबह सरयू नदी में स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा होने से टल गया। सुबह लगभग 6:30 बजे गहरे पानी में चले जाने के कारण तीन श्रद्धालु डूबने लगे, जिससे घाट पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, घाट पर मुस्तैद एसडीआरएफ (SDRF) और जल पुलिस की टीम ने अदम्य साहस और तत्परता दिखाते हुए तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। गहरे पानी में जाने से बिगड़ा संतुलन प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद गोंडा से आए तीन श्रद्धालु—हरिओम मिश्रा (16 वर्ष) पुत्र अमर कुमार (निवासी डिकसीर, उमरी बेगमगंज), गणेश दत्त पाठक (40 वर्ष) पुत्र बहादुर पाठक (निवासी फतेपुर नखरा, कर्नलगंज) और पल्लवी (19 वर्ष) पुत्री राज नारायण (निवासी नखरा)—सुबह सरयू नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान पैर फिसलने या अंदाजा न मिल पाने के कारण तीनों अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। देवदूत बनकर पहुंचे जवान, अस्पताल में उपचार जारी
श्रद्धालुओं को डूबता देख ड्यूटी पर तैनात एसडीआरएफ और जल पुलिस के जवानों ने बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगा दी। जवानों ने त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाकर तीनों को सकुशल नदी से बाहर निकाला। इसके बाद स्थानीय पुलिस और गौ सेवक रितेश मिश्रा के सहयोग से तीनों को तुरंत आपातकालीन स्थिति में श्री राम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल लाए जाने के कारण तीनों की स्थिति अब नियंत्रण में है। स्थानीय लोगों ने की सराहना, प्रशासन ने जारी की अपील घटना के बाद घाट पर मौजूद स्थानीय निवासियों और अन्य श्रद्धालुओं ने जल पुलिस व SDRF की मुस्तैदी की जमकर तारीफ की। लोगों का कहना था कि अगर जवानों ने कुछ सेकंड की भी देरी की होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं, जल पुलिस ने इस घटना के बाद एक बार फिर श्रद्धालुओं से अपील की है: “सरयू नदी का जलस्तर और बहाव कई जगहों पर अप्रत्याशित होता है। श्रद्धालु स्नान करते समय सुरक्षा जंजीरों और नियमों का पालन करें तथा किसी भी सूरत में गहरे पानी की तरफ न जाएं।