कूटरचित दस्तावेज बनाकर करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाला अभियुक्त गिरफ्तार

लखनऊ,  पुलिस आयुक्तालय लखनऊ की मोहनलालगंज कोतवाली पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर मकान बेचने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त पर संगठित गिरोह के साथ मिलकर झूठे आश्वासन और फर्जी अभिलेखों के माध्यम से धन हड़पने का आरोप है।पुलिस के अनुसार उन्नाव जनपद के बेहटा नथई सिंह निवासी गायत्री देवी ने थाना पीजीआई में शिकायत दर्ज कराई थी कि सुनील कुमार शुक्ला, रवि सिंह, सर्वेश कुमार पाण्डेय, गौरव अवस्थी, विपिन कुमार शुक्ला, रीतू सिंह, कंचनलता उर्फ अंजना तथा अन्य लोगों ने वृंदावन योजना स्थित मकान बेचने के नाम पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर और झूठे आश्वासन देकर लगभग 73 लाख 99 हजार 911 रुपये हड़प लिए। मामले में थाना पीजीआई में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पूर्व में चार अभियुक्तों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा चुकी है।इसी क्रम में नामजद और वांछित अभियुक्त सत्येश प्रशांत पुत्र रामराज, उम्र लगभग 47 वर्ष, को पुलिस ने गिरफ्तार किया। अभियुक्त केनरा बैंक में मंडल प्रबंधक के पद पर कार्यरत बताया गया है। वर्तमान में वह इंदिरानगर क्षेत्र में निवास कर रहा था। पुलिस ने उसे गोरखपुर जनपद के नौका विहार तिराहे के पास से सर्विलांस की सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया।पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त ने बैंक पदाधिकारी होने का लाभ उठाते हुए वादिनी पक्ष को विश्वास दिलाया था कि संबंधित मकान के मूल अभिलेख बैंक प्रक्रिया में सुरक्षित हैं तथा ऋण भुगतान के बाद बैनामा कराने में कोई समस्या नहीं होगी। इसी भरोसे में पीड़ित पक्ष द्वारा आगे भी धनराशि जमा की गई।पुलिस ने बताया कि मामले में दो अन्य वांछित अभियुक्तों विपिन शुक्ला और सुशील कुमार शुक्ला की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। दोनों अभियुक्तों पर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी अमित कुमार आनंद द्वारा 25-25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया है।गिरफ्तार अभियुक्त को आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
——————