आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की 162वीं जयंती पर काव्यमय श्रद्धांजलि
_‘हँसवाहिनी’ मंच पर डॉ. वीरेंद्र सिंह कुसुमाकर ने मुक्तक से किया नमन_
रायबरेली( उ.प्र.) खड़ी बोली हिंदी के जनक, युग प्रवर्तक और हिंदी साहित्य के पुरोधा आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की 162वीं जयंती के अवसर पर 9 म ई’2025 को रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच एवं हँसवाहिनी पत्रिका समूह द्वारा दोपहर 2 बजे से आभासी परिचर्चा एवं काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी एवं समीक्षक डॉ. गौरव अवस्थी ने की। देशभर से 26 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकार इस आयोजन में जुड़े और द्विवेदी युग के साहित्यिक योगदान पर विचार रखे।
इस पावन अवसर पर प्रयागराज के वरिष्ठ कवि, समीक्षक एवं संपादक डॉ. वीरेंद्र सिंह कुसुमाकर ने आचार्य द्विवेदी को समर्पित एक विशेष मुक्तक प्रस्तुत से श्रद्धांजलि अर्पित की:
मुक्तक की पंक्तियां इस तरह रहीं-
रायबरेली पुण्य धरा है जिसका गौरव सुयश ललाम ।
साहित्य मनीषी कवि वीरों की वसुंधरा है पावन धाम।
अमर सपूतो सम्राटों जायसी निराला की यह वसुधा-
दौलतपुर के महापुरोधा महावीर कोटि प्रणाम।
मुक्तक में उन्होंने रायबरेली को जायसी, निराला जैसे अमर साहित्यकारों की पावन धरती बताते हुए, दौलतपुर में जन्मे आचार्य द्विवेदी को “महापुरोधा” कहकर कोटि-कोटि नमन किया।
कार्यक्रम संयोजक डॉ. शिवनाथ सिंह “शिव” संस्थापक रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच एवं वाइस चांसलर, आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय ने कहा कि द्विवेदी जी ने खड़ी बोली को गद्य-पद्य, पत्रकारिता और ज्ञान-विज्ञान की भाषा बनाकर हिंदी नवजागरण की नींव रखी। आज का आयोजन उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प है।
आयोजन में सरस्वती वंदना, गणेश वंदना, स्वागत गीत, पटल गीत और कवि-सम्मेलन के साथ परिचर्चा भी हुई। सहभागी रचनाकारों में डॉ. विजय लक्ष्मी गुप्ता अहमदाबाद, कैप्टन सरोज सिंह लखनऊ, प्रतिभा पाण्डेय चेन्नई, उषा कंसल बेंगलुरु, मीना रावलानी कोटा, राजस्थान, दिलीप कुमार शर्मा देवास, डॉ शशि कला अवस्थी इंदौर, मध्य प्रदेश, डॉ मीना कुमारी परिहार, पटना बिहार असम गौहाटी से, डॉ राम लख़न वर्मा मीडिया प्रभारी, डॉ सुधीर श्रीवास्तव गोण्डा मुख्य संरक्षक और प्रशासक, डॉ इंद्र बहादुर सिंह ” इंद्रेश भदौरिया ” अवधी सम्राट, डॉ शिवकुमार सिंह ” शिव ” दुसौती, रायबरेली डॉ त्रिलोक चंद सेन महेंद्रगढ़, हरियाणा, डॉ दीपा शर्मा उजाला फ़रीदाबाद आदि सहित देशभर के लगभग 30 साहित्यकार शामिल रहे।
आयोजकों ने बताया कि हँसवाहिनी पत्रिका समूह विशेष रूप से आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की स्मृति में गठित किया गया है। कार्यक्रम का समापन शत-शत नमन के उद्घोष के साथ हुआ।