व्हाट्सएप और फेसबुक की दुनिया
एक छोटी सी स्क्रीन में सिमटी,
अब पूरी दुनिया बस जाती है,
जहाँ अंगुलियों के इशारों पर,
रिश्तों की कहानी बन जाती है।
व्हाट्सएप की टिक-टिक में,
इंतज़ार भी मुस्काता है,
नीली टिक जैसे दिल का हाल,
चुपचाप सब बतलाता है।
फेसबुक की रंगीन गलियों में,
हर चेहरा चमकता लगता है,
दर्द छुपाकर मुस्कानों में,
हर कोई खुश दिखता है।
स्टेटस में लिखी दो लाइनें,
कभी दिल की आवाज़ होती हैं,
कभी सिर्फ दिखावे की खातिर,
बनावटी सी बात होती हैं।
दोस्ती अब रिक्वेस्ट बन गई,
प्यार एक रिएक्शन हो गया,
दिल की गहराई कहीं खो गई,
सब कुछ बस एक कनेक्शन हो गया।
फोटो में फिल्टर की चादर,
सच्चाई को ढक जाती है,
और असली चेहरा कहीं पीछे,
खामोशी में रह जाता है।
फिर भी ये दुनिया बुरी नहीं,
बस समझने की बात है,
जहाँ सच्चे दिल से जो जुड़ जाए,
वही सबसे खास मुलाकात है।
चलो थोड़ा स्क्रीन से बाहर,
हकीकत को भी जी लेते हैं,
इन ऐप्स की इस भीड़ में भी,
कुछ अपने सच्चे ढूंढ लेते हैं…
स्वरचित/ मौलिक
राजलक्ष्मी श्रीवास्तव
जगदलपुर राजिम
छत्तीसगढ़