मोडिफाइड साइलेंसर व प्रेशर हॉर्न पर सख्ती, भारी जुर्माने के साथ होगी कानूनी कार्रवाई
वर्कशॉप संचालकों पर भी शिकंजा, एक लाख रुपये तक का जुर्माना संभव
नियम उल्लंघन पर वाहन मालिकों को जेल, लाइसेंस निलंबन और RC रद्द होने का खतरा
जितेन्द्र पाठक
संतकबीरनगर। जनपद में वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर आदि के प्रयोग पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रियंवदा सिंह ने शासन के निर्देशानुसार सभी वाहन डीलरों, मोटर गैराज एवं वर्कशॉप संचालकों को स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि ऐसे उपकरणों की बिक्री या फिटिंग करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एआरटीओ ने बताया कि मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 182ए (3) के तहत मोडिफाइड साइलेंसर या प्रेशर हॉर्न लगाने वाले गैराज/वर्कशॉप संचालकों पर प्रति मामले एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, वाहन स्वामियों द्वारा वाहन में अनधिकृत परिवर्तन करने पर धारा 182ए (4) के अंतर्गत छह माह तक की सजा या पांच हजार रुपये तक जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है।
उन्होंने आगे बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे वाहन चलाने या चलवाने पर, जिससे ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होता हो, धारा 190(2) के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अंतर्गत पहली बार अपराध करने पर तीन माह तक की सजा या दस हजार रुपये तक का जुर्माना और तीन माह के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन का प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त, जिन वाहनों में ऐसे उपकरण पाए जाएंगे, उनके खिलाफ धारा 53(1) के तहत पंजीयन प्रमाण-पत्र (RC) निलंबित करने की कार्रवाई भी प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर का प्रयोग न करें, अन्यथा उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।