पैरों में जूते भले न हों, पर हाथ में किताब होनी चाहिए”: चौधरी रामसिंह पटेल
महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मंगलवार को आनंद नगर स्थित राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) कार्यालय पर हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। समानता और न्याय के प्रणेता थे बाबा साहेब गोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय लोकदल अवध क्षेत्र के अध्यक्ष चौधरी रामसिंह पटेल ने कहा कि बाबा साहेब ने देश के करोड़ों वंचितों, शोषितों और पिछड़ों को सम्मान तथा समानता के साथ जीवन जीने की राह दिखाई। उन्होंने कहा, “संविधान निर्माण के माध्यम से डॉ. अंबेडकर ने भारत में सामाजिक न्याय और लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी। उनका पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण, शिक्षा और सामाजिक चेतना के प्रति समर्पित रहा।”
शिक्षा पर दिया जोर चौधरी रामसिंह पटेल ने बाबा साहेब के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर शिक्षा को सबसे बड़ा अस्त्र मानते थे। उन्होंने सदैव प्रेरित किया कि ‘पैरों में जूते भले न हों, लेकिन हाथों में किताब जरूर होनी चाहिए’। समाज को जागरूक बनाने के लिए उनके इस मूल मंत्र को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले प्रमुख गणमान्य इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से निम्नलिखित नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। अवधेश रावत (जिला उपाध्यक्ष, रालोद) अरविंद सिंह महंत (महानगर अध्यक्ष) प्रमोद श्रीवास्तव देवीशरण वर्मा (अध्यक्ष, किसान प्रकोष्ठ) विजय बहादुर वर्मा (पूर्व प्रधान, गौहनिया) इसके अतिरिक्त फूल चन्द्र पाण्डेय, जगन्नाथ पटेल, श्याम सिंह पटेल, राम मुरत कोरी, राम तिराथ कोरी, सचिन पांडे, सत्य विजय वर्मा, राजू वर्मा और सौरभ सिंह पटेल सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय वासियों ने बाबा साहेब को नमन किया।