प्रतापपुर में सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समारोह पूर्वक हुआ समापन
बस्ती चिलमा बाजार।ब्लॉक कप्तान गंज अंतर्गत ग्राम प्रतापपुर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुक्रवार 03 अप्रैल 2026 को समापन हुआ। श्रीमद् भागवत कथा में चार वेद, पुराण, गीता एवं श्रीमद् भागवत महापुराण की व्याख्या, पंडित केशरी नन्दन शुक्ल के मुखारवृंद से उपस्थित भक्तों ने श्रवण किया। विगत सात दिनों तक भगवान श्री कृष्ण जी के वात्सल्य प्रेम, असीम प्रेम के अलावा उनके द्वारा किए गए विभिन्न लीलाओं का वर्णन कर वर्तमान समय में समाज में व्याप्त अत्याचार, अनाचार, कटुता, व्यभिचार को दूर कर सुंदर समाज निर्माण के लिए युवाओं को प्रेरित किया। इस धार्मिक अनुष्ठान के सातवें एवं अंतिम दिन भगवान श्री कृष्ण के सर्वोपरी लीला श्री रास लीला, मथुरा गमन, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंसबध, कुबजा उद्धार, रुक्मणी विवाह, शिशुपाल वध एवं सुदामा चरित्र का वर्णन कर लोगों को भक्तिरस में डुबो दिया। इस दौरान भजन गायन ने उपस्थित लोगों को ताल एवं धुन पर नृत्य करने के लिए विवश कर दिया।
पंडित जी ने सुंदर समाज निर्माण के लिए गीता से कई उपदेश के माध्यम अपने को उस अनुरूप आचरण करने कहा जो काम प्रेम के माध्यम से संभव है, वह हिंसा से संभव नहीं हो सकता है। समाज में कुछ लोग ही अच्छे कर्मों द्वारा सदैव चिर स्मरणीय होता है, इतिहास इसका साक्षी है। लोगों ने रातभर इस संगीतमयी भागवत कथा का आनंद उठाया। इस सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा में गांव के अलावा आस-पास व दूर दराज से काफी संख्या में महिला-पुरूष भक्तों ने इस कथा का आनंद उठाया। सात दिनों तक इस कथा में पुरा वातावरण भक्तिमय रहा। प्रवचन के बाद आयोजक कर्ता द्वारा उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया इसमें सभी लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और प्रभु के पूजन अर्चन किए।इस अवसर पर जजमान राजेंद्र विश्वकर्मा एवं उनकी धर्मपत्नी, श्रीमती कृष्णावती व आयोजक कर्ता राम प्रकाश विश्वकर्मा, रोहित विश्वकर्मा,दीपक विश्वकर्मा,सहयोग कर्ता में अंबिका, सुनील, धर्मेंद्र, रामजीत,अमरजीत,विवेक,महेश, संदीप प्रवेश मनजीत, हरिश्चंद्र , मनीष विश्वकर्मा अमन विश्वकर्मा एवं विश्वकर्मा परिवार व मित्रगण उपस्थित रहे।