सेमरियावा ब्लॉक में विकास को लेकर बड़ी सहमति, 30 करोड़ की योजनाओं का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा
शोले के ‘जय-वीरू’ ने खत्म किया लंबे समय से चला आ रहा विवाद, विकास को दी नई दिशा
जितेन्द्र पाठक
खलीलाबाद तहसील के सबसे बड़े ब्लॉक सेमरियावा में क्षेत्र पंचायत सदस्यों की बहुप्रतीक्षित बैठक बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। लंबे समय से विवादों और आरोप-प्रत्यारोपों में घिरी यह बैठक इस बार विकास की सहमति के साथ एक सकारात्मक संदेश देकर खत्म हुई। बैठक में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों ने मिलकर करीब 30 करोड़ रुपये की विकास योजनाएं खंड विकास अधिकारी को सौंप दीं।
बैठक का नेतृत्व ब्लॉक प्रमुख मजहरून निशा द्वारा किया गया, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। इस दौरान सभी सदस्यों ने एक स्वर में क्षेत्र के समग्र विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। खंड विकास अधिकारी ने आश्वासन दिया कि सभी प्रस्तावों को शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा, ताकि जल्द से जल्द विकास कार्य धरातल पर उतर सकें।
गौरतलब है कि इससे पहले भी करीब 19 करोड़ रुपये की योजनाओं का प्रस्ताव दिया गया था, जिसमें से लगभग 10 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और कई कार्य शुरू भी हो गए हैं। शेष धनराशि को वर्तमान वित्तीय वर्ष में प्राथमिकता के आधार पर खर्च करने की योजना बनाई जा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में बीते दिनों चला विवाद भी अहम रहा। पूर्व ब्लॉक प्रमुख महमूद आलम चौधरी ने लगातार यह मुद्दा उठाया था कि विकास कार्यों में क्षेत्र पंचायत सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। वहीं, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विकास चौधरी ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मुलाकात कर ब्लॉक में विकास निधि के दुरुपयोग की शिकायत भी की थी, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
हालांकि, स्थिति उस समय बदली जब स्थानीय विधायक अंकुर राज तिवारी की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और विवाद को समाप्त कर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान महमूद आलम चौधरी और विकास चौधरी एक साथ मंच पर नजर आए, जिसने क्षेत्र में एक मजबूत राजनीतिक संदेश दिया।
मंच से बोलते हुए महमूद आलम चौधरी ने स्पष्ट कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा दी गई सभी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, विकास चौधरी ने भी पुराने विवादों को भुलाकर क्षेत्र के विकास को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि अब सभी का लक्ष्य केवल जनता के हित में काम करना है।
खंड विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित 30 करोड़ रुपये की योजनाओं को शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद पूरे सेमरियावा ब्लॉक में विकास कार्यों की गति तेज होगी। साथ ही, पहले से उपलब्ध करीब 20 करोड़ रुपये में से 10 करोड़ के कार्य प्रगति पर हैं, जबकि शेष धनराशि को जरूरी कार्यों में लगाया जाएगा।
कुल मिलाकर, लंबे समय से विवादों में घिरे सेमरियावा ब्लॉक में अब विकास को लेकर एक नई शुरुआत होती दिख रही है। जनप्रतिनिधियों की एकजुटता और प्रशासन की सक्रियता से क्षेत्र की जनता को आने वाले समय में ठोस विकास कार्यों की उम्मीद जगी है।