लखनऊ:चैत्र नवरात्रि के अवसर पर प्रदेश की समृद्ध भक्ति परंपरा को आगे बढ़ाने और श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा प्रदेश के 25 प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में ‘शक्ति आराधना’ के तहत विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथियों पर तीन दिवसीय आयोजन में देवी गायन और भजन प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे वातावरण भक्तिमय बनेगा और लोक परंपराओं को सशक्त मंच मिलेगा।इन प्रमुख स्थलों में मां विंध्यवासिनी धाम विंध्याचल, चंडिका देवी मंदिर उन्नाव, ज्वाला देवी मंदिर सोनभद्र, देवकाली मंदिर औरैया, सीता समाहित स्थल भदोही, तर्कुलहा देवी धाम गोरखपुर, अलोपी देवी मंदिर प्रयागराज, ललिता देवी मंदिर प्रयागराज, शीतला माता स्थल मऊ, कड़ावासिनी मंदिर कौशांबी, पाटेश्वरी देवीपाटन बलरामपुर, शिवानी देवी मंदिर चित्रकूट तथा ललिता देवी मंदिर नैमिषारण्य शामिल हैं।इसके अतिरिक्त गायत्री शक्तिपीठ हमीरपुर, शाकंभरी देवी मंदिर सहारनपुर, बैरागढ़ माता मंदिर कोंच, कात्यायनी देवी मंदिर मथुरा, कुष्मांडा देवी मंदिर घाटमपुर, मां शीतला चौकिया धाम जौनपुर, शीतला माता मंदिर मैनपुरी, बेल्हा देवी मंदिर प्रतापगढ़, चामुंडा माता मंदिर फिरोजाबाद, विशालाक्षी देवी मंदिर वाराणसी तथा चंद्रिका देवी मंदिर लखनऊ और संकटा देवी मंदिर लखनऊ भी शामिल हैं।इन कार्यक्रमों में भाग लेने वाले कलाकारों को मानदेय प्रदान किया जाएगा, जबकि स्थानीय स्तर पर सभी व्यवस्थाएं संबंधित जिला प्रशासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी की देखरेख में सुनिश्चित की जाएंगी। इस पहल से जहां कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, वहीं श्रद्धालुओं को भी नवरात्रि के दौरान भक्ति और सांस्कृतिक वातावरण का विशेष अनुभव प्राप्त होगा।इस पहल पर अपने विचार रखते हुए प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि नवरात्रि हमारे सांस्कृतिक जीवन का अत्यंत ऊर्जावान और आध्यात्मिक पर्व है। ‘शक्ति आराधना’ जैसे आयोजन केवल पूजा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लोक परंपराओं, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर कोने में आस्था का यह उत्सव नई ऊंचाइयों तक पहुंचे, कलाकारों को मंच मिले और श्रद्धालुओं को भक्ति के साथ समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव हो सके।