मानवता की मिसाल बना सुधा का विवाह: वीडियो देखकर पिघला दिल, मदद को आगे आए प्रधान संघ जिलाध्यक्ष पिंटू सिंह
प्रतापगढ़। समाज में संवेदनशीलता और मानवीयता आज भी जीवित है। इसका जीवंत उदाहरण प्रयागराज के होलागढ़ क्षेत्र में देखने को मिला, जहां आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक गरीब ब्राह्मण परिवार की बेटी की शादी में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग कर इंसानियत की मिसाल पेश की।
होलागढ़ निवासी अत्यंत गरीब परिवार की बेटी सुधा पांडेय की शादी आगामी 11 मार्च को तय है। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण विवाह की तैयारियां अधूरी रह गई थीं। सुधा के पिता विकलांग हैं और परिवार में दो बेटियां ही हैं, ऐसे में शादी की जिम्मेदारी निभाना उनके लिए बेहद कठिन हो गया था।
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक चैनल के माध्यम से सुधा की स्थिति को लेकर एक भावुक वीडियो प्रसारित किया गया। वीडियो में परिवार की मजबूरी और बेटी की शादी की चिंता को दिखाया गया था। यह वीडियो लोगों के दिल को छू गया और समाज के कई लोग मदद के लिए आगे आने लगे।
इसी क्रम में प्रधान संघ जिलाध्यक्ष व ग्राम प्रधान गोगौर नवीन कुमार सिंह उर्फ पिंटू सिंह ने भी आगे बढ़कर मानवीय संवेदना का परिचय दिया। जनसत्ता दल के सक्रिय सदस्य पिंटू सिंह ने बेटी के विवाह में सहयोग स्वरूप लगभग 10 हजार रुपये मूल्य का सोफा सेट भेंट कर परिवार की मदद की।
इस अवसर पर पिंटू सिंह ने कहा,
“बेटी की शादी में सहयोग करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक और सामाजिक दायित्व है। यह मेरा छोटा सा प्रयास है। आगे भी ऐसे मानवीय कार्यों में हमेशा सहयोग करता रहूंगा।”
बताया जा रहा है कि पिंटू सिंह सहित कई समाजसेवियों और दानवीरों के सहयोग से अब सुधा पांडेय की शादी पूरे उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न होने जा रही है। इस सहयोग से परिवार की आर्थिक चिंता भी काफी हद तक कम हो गई है।
वास्तव में, *“डूबते को तिनके का सहारा”* वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए समाज के लोगों ने यह साबित कर दिया कि जब किसी की पीड़ा समाज तक पहुंचती है, तो मदद के लिए हाथ अपने आप बढ़ जाते हैं। सुधा के विवाह में मिला यह सहयोग न केवल एक परिवार के लिए संबल बना, बल्कि समाज में मानवता और सामाजिक संवेदना की एक प्रेरणादायक मिसाल भी कायम कर गया।