अयोध्या: 108 रचनाकारों के साझा काव्य संकलन का विमोचन, गूंजी रामभक्ति की स्वरलहरी

 

मुख्य अतिथि चंपत राय ने साहित्यकारों को सराहा; श्री राम मंदिर काव्य साहित्य मंच का भव्य आयोजन

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। पावन नगरी अयोध्या में मंगलवार को आध्यात्म और साहित्य का अनूठा संगम देखने को मिला। श्री राम मंदिर काव्य साहित्य मंच द्वारा आयोजित भव्य ‘काव्य समागम’ में देशभर से आए रचनाकारों ने अपनी लेखनी के माध्यम से प्रभु श्री राम के चरणों में भावांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 108 रचनाकारों के साझा काव्य संकलन का लोकार्पण रहा। प्रमुख अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव श्रद्धेय चंपत राय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संकलन का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है और जब यह भक्ति के साथ जुड़ता है, तो युगों-युगों तक मार्गदर्शक बनता है। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री अनिल मिश्रा का भी सान्निध्य प्राप्त हुआ। साहित्यिक चेतना का विस्तार
संस्था की संस्थापिका डॉ. बबिता किरण एवं संयोजक डॉ. अजय गर्ग के नेतृत्व में यह आयोजन वर्ष 2024 से निरंतर किया जा रहा है। इस वर्ष लगभग 40 कवि एवं कवयित्रियों ने राम के आदर्शों, मर्यादा और जीवन दर्शन पर आधारित काव्य पाठ किया, जिससे पूरा वातावरण राममय हो गया।
विशेष सहयोग और सहभागिता
इस आयोजन को सफल बनाने में महिला व बाल विकास परिषद (अयोध्या) का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के अंत में संयोजकों ने बताया कि यह साझा संकलन भारतीय सांस्कृतिक चेतना और रामभक्ति का एक सशक्त दस्तावेज साबित होगा। यह समागम केवल शब्दों का मिलन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक आहुति है।