महाशिवरात्रि सनातन धर्म का महापर्व, श्रद्धालुओं का स्वागत राजेश महाराज

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अयोध्या तीर्थ पुरोहित धर्म सेवा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश महाराज ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए इस पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि सनातन धर्म का एक अत्यंत पवित्र और श्रद्धा का प्रतीक है, जिसे हर सनातनी पूरी निष्ठा के साथ मनाता है। राजेश महाराज ने अयोध्या और अन्य तीर्थ क्षेत्रों में उमड़ने वाले भक्तों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शिव और शक्ति के मिलन का उत्सव है। इस दिन महादेव की आराधना से साधक को संयम और शांति की प्राप्ति होती है। हम धर्म नगरी में आए हुए सभी श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत और अभिनंदन करते हैं। पर्व का महत्व और संदेश
राजेश महाराज ने अपने बयान में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया सांस्कृतिक एकता उन्होंने कहा कि यह पर्व पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोता है, जहाँ उत्तर से दक्षिण तक हर भक्त शिवमय हो जाता है। सेवा भाव ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सहायता के लिए निरंतर तत्पर रहने का संकल्प दोहराया। युवा पीढ़ी को प्रेरणा उन्होंने आह्वान किया कि युवा पीढ़ी को अपनी सनातन परंपराओं और महाशिवरात्रि जैसे महापर्वों के पीछे छिपे वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारणों को समझना चाहिए।
अंत में, उन्होंने सभी भक्तों के मंगल की कामना करते हुए कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा से समाज में समरसता और खुशहाली बनी रहे।