ई-रिक्शा चालकों के हक के लिए सड़क पर उतरे पूर्व मंत्री पवन पांडे, बोले- ‘अन्याय बर्दाश्त नहीं

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। ई-रिक्शा चालकों के मान-सम्मान और उनकी रोजी-रोटी पर आए संकट के खिलाफ ‘कृष्णानंद फाउंडेशन ई-रिक्शा यूनियन’ द्वारा शुरू किए गए आंदोलन को अब बड़ा राजनीतिक समर्थन मिल गया है। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री तेज नारायण उर्फ पवन पांडे ई-रिक्शा चालकों के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि गरीबों के हक के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रोजी-रोटी छीनने की कोशिश बर्दाश्त नहीं यूनियन द्वारा आयोजित ‘आमरण अनशन’ और विरोध प्रदर्शन में शामिल होते हुए पवन पांडे ने कहा कि ई-रिक्शा चालक समाज का वह तबका है जो कड़ी मेहनत कर अपने परिवार का पेट पालता है। उन्होंने कहा, “हम न्याय के साथ हैं। ई-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी का हक छीना जा रहा है, जो सरासर गलत है। समाजवादी पार्टी अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी और इन चालकों को उनका अधिकार दिलाकर रहेगी। यूनियन की मांग: मान-सम्मान और सुरक्षा बता दें कि श्री अयोध्या जी ई-रिक्शा कल्याण समिति ट्रस्ट के सौजन्य से यह आंदोलन चलाया जा रहा है। बैनर के माध्यम से यूनियन ने मांग की है कि ई-रिक्शा चालकों के साथ होने वाली अभद्रता बंद की जाए और उनके स्वाभिमान की रक्षा की जाए। इस दौरान मुकुंद माधव त्रिपाठी और अन्य यूनियन नेता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासन से चालकों के प्रति नरम रुख अपनाने की अपील की। आमरण अनशन चालकों ने अपनी मांगों को लेकर अनशन का रास्ता चुना है। प्रशासन को चेतावनी: पूर्व मंत्री ने न्याय न मिलने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। एकजुटता । ई-रिक्शा चालकों ने ‘ई-रिक्शा यूनियन जिंदाबाद’ के नारों के साथ अपनी एकता का प्रदर्शन किया।