वैष्णव विरक्त निषाद मंदिर में उमड़ा जनसैलाब, संतों ने पाया भव्य भंडारा

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या के जन्मभूमि क्षेत्र स्थित वैष्णव विरक्त निषाद मंदिर (दुराही कुआं) में वार्षिक उत्सव के उपलक्ष्य में एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में अयोध्या के प्रतिष्ठित साधु-संतों, महंतों और बड़ी संख्या में गृहस्थ श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
भक्तिमय रहा माहौल कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और श्री सीताराम नाम के संकीर्तन के साथ हुई। पूरा मंदिर परिसर “जय श्री राम” के उद्घोष से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर मंदिर के श्री महंत जी महाराज की देखरेख में दिव्य भोज (प्रसाद) का वितरण किया गया। विशिष्ट संतों की गरिमामयी उपस्थिति भंडारे में अयोध्या के विभिन्न अखाड़ों और आश्रमों से आए विशिष्ट साधु-संतों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के निवेदक शिष्य महंत रामसेवक दास महाराज ने बताया कि यह आयोजन ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 महंत रामदास महाराज की स्मृति और सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है। श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
दोपहर से शुरू हुआ भंडारा देर शाम तक चलता रहा। संतों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर श्रद्धापूर्वक भोजन प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रबंधन द्वारा सभी आगंतुकों का स्वागत सत्कार भावपूर्ण तरीके से किया गया। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के भी कड़े इंतजाम रहे।