महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या/परशुरामपुर (बस्ती)। ऐतिहासिक और पौराणिक महत्ता की धरती मखौड़ा धाम स्थित श्री राम जानकी मंदिर में वार्षिक ‘श्री राम महायज्ञ’ का उल्लास शुरू हो गया है। यज्ञ के शुभारंभ की कड़ी में परंपरा के अनुसार विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच भव्य ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान पूरा परिसर प्रभु श्री राम के जयघोष और वैदिक ऋचाओं से गुंजायमान रहा।0सात दिवसीय अनुष्ठान की तैयारियां तेज दशरथ महल के यशस्वी पीठाधीश्वर बिंदुगद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य महाराज ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मख भूमि मखौड़ा में प्रतिवर्ष होने वाला यह आयोजन आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत फलदायी है। इस वर्ष 20 अप्रैल से 26 अप्रैल तक सात दिवसीय श्री राम महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। यज्ञ की सफलता के लिए ध्वजारोहण के साथ ही तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
विद्वानों और संतों के सानिध्य में संपन्न हुआ विधान ध्वजारोहण का मुख्य अनुष्ठान स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य महाराज की अध्यक्षता और आचार्य पंडित विष्णु देव नायक शास्त्री के आचार्यत्व में संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर अयोध्या और देश के विभिन्न हिस्सों से आए दिग्गज संतों का जमावड़ा लगा।
प्रमुख रूप से जानकी घाट के स्वामी जनमेजय शरण महाराज, बड़ा भक्त माल के स्वामी अवधेश कुमार दास महाराज, स्वामी रामानुजाचार्य महाराज, महंत रामकृष्ण दास ‘रामायणी’ और महंत नागा राम लखन दास महाराज सहित कई वरिष्ठ संतों ने अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कराई।
भंडारे में उमड़ा आस्था का जनसैलाब धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं ने ‘अमृतमयी’ प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के अंत में मंदिर के व्यवस्थापक सूर्य नारायण दास जी वैदिक ने नवागंतुक अतिथियों, संतों और महंतों को अंग-वस्त्र व दक्षिणा भेंट कर सम्मानित किया और सभी का आभार व्यक्त किया।