आपदाओं से प्रभावित व्यक्तियों और परिवारों को राहत सहायता उपलब्ध कराने के लिए 2 करोड़ 83 लाख 55 हजार रुपये की धनराशि मंजूर की है। यह राशि राज्य आपदा मोचक निधि के अंतर्गत स्वीकृत की गई है, जिसका उद्देश्य आपदाओं के समय प्रभावित नागरिकों को त्वरित और प्रभावी सहायता प्रदान करना है।स्वीकृत धनराशि संबंधित जनपदों के जिलाधिकारियों के निवर्तन पर रखी गई है, ताकि स्थानीय स्तर पर आवश्यकता के अनुसार राहत कार्यों का संचालन किया जा सके। जारी आदेश के अनुसार लखीमपुर खीरी जनपद के लिए 45 लाख रुपये, जौनपुर के लिए 1 करोड़ रुपये, महाराजगंज के लिए 40 लाख रुपये, बांदा के लिए 50 लाख रुपये, मुरादाबाद के लिए 13 लाख 55 हजार रुपये तथा सीतापुर के लिए 35 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है।शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि स्वीकृत धनराशि का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित जनपदीय कोषागार से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ई-पेमेन्ट यानी डीबीटी के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए। इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि राहत राशि समयबद्ध तरीके से वास्तविक पात्र लाभार्थियों तक पहुंच सकेगी।गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा बेमौसम भारी वर्षा, अतिवृष्टि, आकाशीय विद्युत, आंधी-तूफान, लू-प्रकोप, नाव दुर्घटना, सर्पदंश, सीवर सफाई के दौरान होने वाली दुर्घटनाएं, गैस रिसाव, बोरवेल में गिरने की घटनाएं, कुआं, नदी, झील, तालाब, पोखर, नहर, नाला, गड्ढा या जल प्रपात में डूबने से होने वाली मृत्यु तथा सांड एवं वनरोज (नीलगाय) के आघात से होने वाली घटनाओं को राज्य आपदा घोषित किया गया है। इन सभी परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए राज्य आपदा मोचक निधि के माध्यम से सहायता दी जाती है।राजस्व विभाग का यह कदम आपदा की घड़ी में पीड़ितों को राहत पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे कठिन परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता मिल सके और वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।