कर विभाग की उच्च स्तरीय बैठक, प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने दिए सकारात्मक संकेत

लखनऊ। प्रदेश के उद्यमियों एवं व्यापारियों को वर्तमान परिदृश्य में आ रही व्यावहारिक समस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से दिनांक 06 फरवरी 2026 को लखनऊ स्थित कर प्रबंधन एवं शोध संस्थान, गोमती नगर में एक उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव, राज्य कर, उत्तर प्रदेश शासन कामिनी रतन चौहान ने की। बैठक में विभिन्न व्यापारिक संगठनों एवं कर अधिवक्ता संघों के प्रतिनिधियों के साथ व्यापक संवाद किया गया और कर प्रशासन से जुड़ी जमीनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई।कार्यक्रम के प्रारम्भ में अपर आयुक्त ग्रेड-2, मुख्यालय मुकेश चन्द्र पाण्डे ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि यह बैठक प्रमुख सचिव, राज्य कर के निर्देशन में इस उद्देश्य से आयोजित की गई है कि व्यापारिक संगठनों एवं टैक्स बार संघों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका समाधान शासन एवं विभागीय स्तर पर कराया जा सके। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य कर विभाग अपने सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ सतत संवाद की नीति पर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त, राज्य कर के निर्देशानुसार 17 जनवरी 2026 को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें प्रदेश भर से 10 हजार से अधिक स्टेकहोल्डर्स ने सहभागिता की।बैठक में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल, लघु उद्योग भारती, भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, उत्तर प्रदेश वैश्य व्यापारी महासभा, आगरा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन लखनऊ तथा उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन सहित अनेक प्रमुख संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।बैठक के दौरान व्यापारिक संगठनों की ओर से आईटीसी/ब्लॉक धनराशि के न्यूनतम समय में रिफण्ड हेतु ऑटोमेटेड रिफण्ड प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयोग, कैपिटल गुड्स पर आईटीसी की सुविधा प्रदान किए जाने, कोटेड एवं अनकोटेड पेपर, गारमेंट तथा हैंडीक्राफ्ट के रॉ मैटेरियल पर एक समान कर दर लागू किए जाने, सचल दल द्वारा केवल तकनीकी त्रुटियों पर अर्थदंड न लगाए जाने, विलम्ब से रिटर्न दाखिल होने पर दण्डात्मक कार्यवाही से राहत, परिवहन के दौरान टोल पर्ची प्रस्तुत करने से छूट, इनवर्टेड ड्यूटी रिफण्ड, सुनवाई से पूर्व पंजीकृत डाक के माध्यम से नोटिस जारी किए जाने, व्यापार बंधु की नियमित बैठकें आयोजित किए जाने, पंजीकृत व्यापारियों के लिए 50 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा सुविधा तथा लूट एवं डकैती की घटनाओं में मुआवजा एवं सुरक्षा उपलब्ध कराए जाने जैसी महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं।कर अधिवक्ता संघों की ओर से जोनल स्तर पर अधिवक्ता संघों के साथ नियमित बैठकें आयोजित किए जाने, पुराने बकाया मामलों में ब्याज माफी योजना लाए जाने तथा अपील समयावधि में दाखिल न हो पाने वाले प्रकरणों के लिए लिमिटेशन एमनेस्टी योजना लागू किए जाने के सुझाव दिए गए।बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त, राज्य कर द्वारा उपस्थित प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया गया कि उठाए गए सभी विषयों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। जिन प्रकरणों में निर्णय जीएसटी काउंसिल के स्तर पर अपेक्षित है, उन्हें जीएसटी काउंसिल को विचारार्थ भेजा जाएगा, जबकि अन्य मामलों में विभाग द्वारा उत्कृष्ट कर प्रशासन एवं प्रभावी कर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।बैठक में आयुक्त, राज्य कर नितिन बंसल, अपर आयुक्त (विधि) मूल चन्द्र, अपर आयुक्त ग्रेड-2, मुख्यालय मुकेश चन्द्र पाण्डे, उपायुक्त (विधि) अलका श्रीवास्तव तथा सहायक आयुक्त (विधि) पुनीत कुमार चौबे सहित राज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।