कैबिनेट बैठक में परिवहन विभाग के तीन अहम प्रस्तावों को मंजूरी, 351 सहायक मोटरयान निरीक्षक पद सृजित

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सम्पन्न कैबिनेट बैठक में परिवहन विभाग से जुड़े तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 351 सहायक मोटरयान निरीक्षक के नए पद सृजित किए गए हैं। इसके लिए उत्तर प्रदेश परिवहन (अधीनस्थ) प्राविधिक सेवा नियमावली, 1980 में आवश्यक संशोधन करते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन (अधीनस्थ) प्राविधिक सेवा (षष्ठम संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को स्वीकृति दी गई है। नियमावली के प्रख्यापन के बाद प्रदेश में सहायक मोटरयान निरीक्षकों की भर्ती एवं चयन प्रक्रिया प्रारम्भ की जाएगी।परिवहन मंत्री ने बताया कि इससे पूर्व अगस्त 2016 में सृजित संभागीय अधिकारी के पद, दिसंबर 2024 में सृजित सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (साधारण वेतनमान) के 36 पद, जुलाई 2025 में सृजित उप परिवहन आयुक्त के 3 पद तथा प्रति परिक्षेत्र उप परिवहन आयुक्त के लिए प्रधान सहायक और आशुलिपिक के एक-एक पद सृजित किए गए थे। इन सभी पदों को विधिक मान्यता प्रदान करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश परिवहन सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली, 2026 के प्रख्यापन को भी कैबिनेट से मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। प्रवर्तन कार्यों के लिए अधिक कार्मिक उपलब्ध होने से विभाग राजस्व वसूली के लक्ष्यों को भी प्रभावी ढंग से पूरा कर सकेगा। साथ ही फील्ड स्तर पर परिवहन विभाग के परिक्षेत्रों का पुनर्गठन करते हुए वर्तमान छह परिक्षेत्रों के स्थान पर गोरखपुर, बुंदेलखंड (झांसी) और अयोध्या के रूप में तीन नए परिक्षेत्रों का गठन किया गया है, जिससे विभागीय कार्यों का बेहतर अनुश्रवण और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सकेगा। पदों की संख्या में वृद्धि से राजकीय सेवाओं में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और नए परिक्षेत्रों के गठन से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।कैबिनेट बैठक में राजस्व वृद्धि और परिवहन विभाग के कर ढांचे में परिवर्तन से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1997 (यथासंशोधित 2025) की धारा-4 के तहत पूर्व में जारी अधिसूचनाओं को अवक्रमित करते हुए नई अधिसूचनाएं जारी किए जाने का निर्णय लिया गया है। हल्के व्यावसायिक यात्री वाहनों जैसे दो पहिया, तीन पहिया, मोटर कैब, मैक्सी कैब, 7500 किलोग्राम तक के हल्के माल वाहनों तथा निर्माण उपस्कर वाहनों पर एकमुश्त कर व्यवस्था लागू करने के लिए कर की दर निर्धारित की जाएगी।इसके अलावा उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति, 2022 (यथासंशोधित 2025) के अंतर्गत शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देते हुए पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स में शत-प्रतिशत छूट प्रदान करने संबंधी अधिसूचनाओं को कार्योत्तर अनुमोदन दिया गया। नीति की प्रभावी अवधि के चौथे और पांचवें वर्ष में प्रदेश में क्रय एवं पंजीकृत शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए यह छूट लागू रहेगी।जनसामान्य को सुगम और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग की चार सेवाओं को फेसलेस मोड में लागू करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि परिवर्तन, पहाड़ी क्षेत्र में वाहन चलाने की अनुमति, पंजीकरण संख्या का प्रतिधारण तथा गैर-उपयोग सूचना परमिट से जुड़ी सेवाओं को ऑनलाइन और फेसलेस किया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली, 1998 में संशोधन करते हुए उत्तर प्रदेश मोटरयान (बत्तीसवां संशोधन) नियमावली, 2026 का प्रख्यापन किया गया है।