मुंबई, (प्रमोद कौशिक) 29 जनवरी : ‘सर्वविदित है कि भारतवर्ष विश्व का न केवल प्राचीनतम, बल्कि महानतम राष्ट्र भी है। भारतीय संस्कृति विश्व की न केवल सबसे शाश्वत, बल्कि सर्वाधिक वंदनीय सस्कृति भी है। अतः भारतवर्ष अपनी इसी वंदनीय सनातन संस्कृति के आधार पर न केवल प्राचीन काल में विश्व-गुरु के रूप में प्रतिष्ठापित रहा है, बल्कि अब पुनः निकट भविष्य में विश्व-गुरु के रूप में प्रतिष्ठापित होने के मार्ग पर तीव्र गति से अग्रसर हो चला है। फलतः, भारतवर्ष के नवयुवकों को भारतीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन के माध्यम से भारतवर्ष के पुनः विश्व-गुरु के रूप में प्रतिष्ठापित होने के सत्कर्म में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का सकुशल निर्वहन करना चाहिए।’
भारतमातरम राष्ट्रपीठ, नई दिल्ली के सूत्रधार डॉ. शमशेर जमदग्रि (अपर आयुक्त) – भारतवादी साहित्यकार, नई दिल्ली के विशिष्ट साक्षात्कार का सन्देश यही है, जो विजन इंडिया डाक्यूमेंट्री, मुम्बई द्वारा विगत माह नवम्बर-2025 में मुम्बई में रिकार्ड किया गया था। साक्षात्कारकर्ता श्री स्वप्निल रानी नंदकुमार, जो विजन इंडिया डाक्यूमेंट्री, मुम्बई के संस्थापक सम्पादक हैं, द्वारा उपरोक्त विचार प्रेस-वार्ता के दौरान व्यक्त किए गए कि भारतवर्ष ऐसा महान राष्ट्र है, जिसमें श्री टी. एन. शेषन एवं डाॅ. किरण बेदी जैसे महान नौकरशाहों ने वंदनीय राष्ट्र-सेवा की है एवं वर्तमान में डॉ. जमदग्रि जैसे अनेक नौकरशाह भी विशिष्ट राष्ट्र-सेवा में रत हैं।
महत्वपूर्ण है कि भारतवर्ष के 77वें गणतन्त्र दिवस के शुभ अवसर पर विगत दिनाँक 26 जनवरी 2026 को मुम्बई में श्री राम नाईक भूतपूर्व राज्यपाल उत्तर प्रदेश, जो अनेक बार मा. केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली भी रहे हैं, द्वारा प्रश्नगत विशिष्ट साक्षात्कार का विधिवत लोकार्पण किया गया। भूतपूर्व मा. राज्यपाल महोदय द्वारा इस विशिष्ट साक्षात्कार का न केवल संपूर्णतः अवलोकन किया गया, बल्कि ऐसे सन्देशपरक साक्षात्कार के लिए डॉ. जमदग्रि एवं विजन इंडिया डाक्यूमेंट्री, मुम्बई की अत्यधिक प्रशंसा की गई एवं उन्हें भविष्य के लिए अपनी हार्दिक शुभकामनाएं भी प्रदान की गईं। उन्होंने यह विशिष्ट सन्देश भी दिया कि देश के समस्त नौकरशाहों को इस विशिष्ट साक्षात्कार का अनुकरण करना चाहिए, सभी विद्यार्थियों को इस विशिष्ट साक्षात्कार से सीख लेनी चाहिए एवं संपूर्ण जनसामान्य को इस विशिष्ट साक्षात्कार के आधार पर सरकार-प्रशासन के प्रति सौहार्द का भाव रखना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि जब पत्रकारों द्वारा डॉ. शमशेर जमदग्रि से भी बातचीत की इच्छा व्यक्त की गई तो सम्पादन महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि डॉ. जमदग्रि, जो अपर आयुक्त के पद पर प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में सेवारत हैं, गणतन्त्र दिवस-2026 के शुभ अवसर पर अपने राज्य कर कार्यालय, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में ध्वजारोहण की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका के सकुशल निर्वहन के फलस्वरूप इस अवसर पर मुम्बई नहीं आ सके हैं, जिन्हें भूतपूर्व मा. राज्यपाल महोदय द्वारा भविष्य में मुम्बई आकर भेंट-वार्ता हेतु आमंत्रित किया गया है, जिसे डॉ. जमदग्रि ने न केवल सहर्ष स्वीकार कर लिया है, बल्कि इसे अपना सौभाग्य भी बताया है। सम्पादक महोदय द्वारा यह भी बताया गया कि यह विशिष्ट साक्षात्कार सोशल मीडिया प्लेटफार्म यू-ट्यूब एवं फेसबुक आदि के माध्यम से भारत के बाहर विश्व के अनेक देशों में भी प्रसारित हो रहा है, जिससे भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार वैश्विक स्तर पर हो रहा है।