लखनऊ/नई दिल्ली हज 2026 के दौरान भारतीय हज यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया है। यह प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब जाकर हज यात्रा से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करेगा और आवश्यक निर्णय लेगा, ताकि आगामी हज यात्रा को सुचारु और सुविधाजनक बनाया जा सके।भारत सरकार द्वारा गठित इस प्रतिनिधिमंडल का चेयरपर्सन उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दानिश आजाद अंसारी को बनाया गया है। दानिश आजाद अंसारी 10 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सऊदी अरब के लिए रवाना होंगे।इस प्रतिनिधिमंडल में दिल्ली राज्य हज समिति के कार्यपालक अधिकारी, बिहार हज समिति के कार्यपालक अधिकारी तथा हज कमेटी ऑफ इंडिया के उप कार्यपालक अधिकारी भी शामिल हैं। सभी अधिकारी संयुक्त रूप से सऊदी अरब में हज से संबंधित व्यवस्थाओं का गहन अध्ययन करेंगे।प्रतिनिधिमंडल एक सप्ताह तक सऊदी अरब में रहकर हज 2026 के दौरान हाजियों के ठहराव, परिवहन, खानपान, स्वास्थ्य सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के विभिन्न विकल्पों का चयन करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय हज यात्रियों को वहां किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे पूरी श्रद्धा व सुविधा के साथ हज की अदायगी कर सकें।सरकारी स्तर पर बताया गया है कि इस दौरे के दौरान लिए गए निर्णयों के आधार पर हज 2026 की अंतिम व्यवस्थाएं तय की जाएंगी। इससे न केवल व्यवस्थाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि हज यात्रा को और अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और यात्रियों के अनुकूल बनाया जा सकेगा। भारत सरकार का प्रयास है कि हर हाजी को बेहतर सुविधाएं मिलें और उनकी पवित्र यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और सहज रूप से संपन्न हो।