एबीवीपी के 65वें प्रांत अधिवेशन की प्रदर्शनी का हुआ उद्घाटन

*एबीवीपी के 65वें प्रांत अधिवेशन की प्रदर्शनी का हुआ उद्घाटन*

 

*जो समय की चाल को बदल दे वह है भारत का युवा: प्रो० रवि शंकर*

 

किसान पीजी कॉलेज बहराइच में 17 से 19 दिसंबर के मध्य आयोजित होने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अवध प्रांत के 65वें प्रांत अधिवेशन में प्रो० यशवंत राव केलकर प्रदर्शनी मंडपम का उद्घाटन कार्यक्रम संपन्न हुआ।

जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय,बलरामपुर के कुलपति प्रो०रविशंकर सिंह व विशिष्ट अतिथि सिद्धेश्वर पीठ के पीठाधीश उमाकांत गिरी अभाविप अवध प्रांत के उपाध्यक्ष डॉ० सुभाष महर्षि प्रांत सह मंत्री पुष्पा गौतम ,गगर अध्यक्ष किशन वीर नगर मंत्री बहराइच शिवम गौड़ ने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।अभाविप अवध के 65 वें प्रांत अधिवेशन के प्रदर्शनी मंडपम उद्घाटन में 13 प्रशासनिक व 27 संगठनात्मक जिलों से प्रतिभाग करने आई युवा तरुनाई को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो० रविशंकर ने कहा महाराजा सुहेलदेव की धरती पर युवाओं के आगमन पर उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा महाराजा सुहेलदेव का मुख्य योगदान 11वीं सदी में श्रावस्ती के राजा के रूप में विदेशी आक्रमणकारियों, ग़ज़नवी सेनापति सालार मसूद गाजी को 1034 ई. में बहराइच के युद्ध में पराजित कर भारत की रक्षा की ,उन्होंने देश को लूट, अत्याचार और गुलामी से बचाया और भारतीय संस्कृति व संप्रभुता के रक्षक के रूप में अपनी वीरता स्थापित की। के विषय में यह प्रांतीय अधिवेशन उसका स्मरण करेगा.

अभाविप विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है,हमारे आदर्श स्वामी विवेकानंद है जिनसे पूछा गया युवा किसको कहते हैं तो उन्होंने ने उत्तर दिया युवा वह है जो अनीति से लड़ता है,जो दुर्गुणों से लड़ता जो काल की चाल को बदल देता है,जिसमें जोश है,जो सिर्फ काल की ही बात नहीं करता जिसमें काल की परिधि को बदल देने की क्षमता है प्राध्यापक प्रो ० यशवंत राव केलकर के विषय में यूवाओ को संबोधित करते हुए कुलपति ने कहा कि जो राष्ट्र निर्माण में अपना जीवन लगाने में अपना जीवन लगा देता है ऐसा है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का छात्र संगठन।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मूल मंत्र ज्ञान शील एकता को उच्चारित करते हुए कहा जहां

ज्ञान होता है वहां विनय अपने आप आ जाती है विद्या ददाति विनियम,

यूवाओ को संबोधित करते हुए जेन जेड पर भारत जो इक्कीसवीं शताब्दी में जन्मे हैं उन्हें जेन जेड की श्रेणी में रखा जाता है,जिनको सांस्कारित नहीं किया गया जिनका समय समय पर मार्गदर्शन नहीं किया गया युवा मार्ग भ्रमित भी हो सकते हैं, अगर संस्कारित शिक्षित और विश्व बंधुत्व की भावना को अपने अंदर एक साथ समेटे हुए देश के कल्याण में सर्वश्य दे रहा है तो वह है अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का युवा।

सिद्धेश्वर पीठ के पीठाधीश उमाकांत गिरी नागाबाबा ने युवाओं को अपने आशीर्वचनों से अभिसिंचित करते हुए कहा

हम उस अवध की माटी से जन्मे हैं जहां पर भगवान श्री राम चंद्र जी का जन्म हुआ आदि गुरु शंकराचार्य की भक्ति परंपरा रही है,जहां ज्ञान का वैराग्य है,और जहां वैराग्य है वहीं शीतला है और युवा वह है जो शील हो।

ज्ञान का प्रकाश शिक्षा,अनुभव, अंतर्दृष्टि और संचार के माध्यम से फैलता है,जो अज्ञानता के अंधेरे को दूर करता है और व्यक्तियों को स्पष्टता, समझ और सद्गुण की ओर ले जाता है; यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक शिक्षण, चर्चा, लेखन (जर्नल, किताबें),आध्यात्मिक अभ्यास के ज़रिए फैलता है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आता है।हम उत्तर प्रदेश की उस धरती हैं जहां बगल में बाबा विश्वनाथ जहां पर मां पाटेश्वरी विराजित हैं,जहां सिद्धेश्वर महादेव अपने भक्ति के प्रकाश से देश की रक्षा करते हैं। उपस्थित अतिथियों का स्वागत नगर मंत्री शिवम गौड़ व आभार ज्ञापन नगर अध्यक्ष डॉ० किशन वीर ने किया।

इस प्रदर्शनी में महारानी अहिल्या बाई होकर के देश के प्रति योगदान को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष पर उसकी संघर्ष यात्रा को ,बंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर उसकी विस्तृत जानकारी अवध प्रांत अंतर्गत अपनी माटी के प्रति आभार प्रकट करते हुए भगवान श्री राम चंद्र जी के 500 वर्षों बाद अपने मंदिर में विराजित होने तथा प्रभु श्री राम चंद्र जी का छायाचित्र प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रहा।जिसका संयोजन अभाविप राष्ट्रीय कलामंच की सह प्रमुख कस्तूरी सिंह ने किया।

प्रदर्शनी मंडपम उद्घाटन कार्यक्रम में अभाविप पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही, प्रांत संगठन मंत्री अंशुल विद्यार्थी, सदर विधायक बहराइच अनुपमा जैशवाल,जिलाध्यक्ष भाजपा बृजेश पांडे,क्षेत्रीय संयोजक राष्ट्रीय छात्र शक्ति पत्रिका पूर्वी उत्तर प्रदेश विकास तिवारी सहित तमाम छात्र एवं छात्राएं उपस्थित रहे।