काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच पंजीकृत की 181 वीं गोष्ठी में कवि प्रदीप मिश्र अजनबी,व कवित्री सीमा शर्मा मंजरी का सम्मान। 

काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच पंजीकृत की 181 वीं गोष्ठी में कवि प्रदीप मिश्र अजनबी,व कवित्री सीमा शर्मा मंजरी का सम्मान।

काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच पंजीकृत की 181 वीं गोष्ठी शनिवार को मेरे कार्यालय श्रीवास्तव म्युचुअल फंड, नियर हरिनगर चन्दुआ छित्तुपुरा में हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाई गई।

इस गोष्ठी की अध्यक्षता श्री प्रदीप मिश्र अजनबी,मुख्य अतिथि गौतम अरोड़ा सरस, विशिष्ट अतिथि सीमा शर्मा मंजरी , संचालन मुनींद्र कुमार पाण्डेय मुन्ना व गोपाल केशरी ने किया।

 

इस कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के अध्यक्ष भुलक्कड़ बनारसी ने अपने स्वागत गीत के माध्यम से स्वागत व अभिनन्दन किया, तदोपरान्त सरस्वती बन्दना एख़लाक़ खान भारती ने कर कार्यक्रम की शुरुआत किया। आज की गोष्ठी में मेरठ से पधारे वरिष्ठ कवि व कवित्री द्वव प्रदीप मिश्र अजनबी व सीमा शर्मा मंजरी को अंगवस्त्रम व स्मृति चिन्ह् देकर सम्मानित किया गया।

आज की गोष्ठी में उपस्थित कवियों और शायरों में हास्य व्यंग्य कवि भुलक्कड़ बनारसी, जयप्रकाश मिश्र धानापुरी, मुनींद्र पाण्डेय ,गोपाल केशरी,दीपक दबंग, विमल बिहारी, एकराम रेवसवी,आशिक बनारसी, गौतम अरोरा सरस, ,प्रदीप मिश्र अजनबी, सीमा शर्मा मंजरी,एखलाक खान भारती, राकेश प्रसाद दूबे, गणेश सिंह प्रहरी, कमला प्रसाद जख्मी, दाऊ जी, टीकाराम शर्मा आचार्य, सत्यनारायण जी इत्यादि रहे। आज की गोष्ठी में सभी रचनाकारों ने एक से बढ़ कर एक रचना का काव्य पाठ किया।

अंत में धन्यवाद ज्ञापित संस्था के अध्यक्ष भुलक्कड़ बनारसी ने किया उसके उपरांत अल्पाहार के बाद गोष्ठी को विश्राम दिया गया।

 

भुलक्कड़ बनारसी अध्यक्ष,

काशी काव्य गंगा साहित्यिक मंच, पंजीकृत, वाराणसी