नेपाल के घटनाक्रम को सीमाई इलाकों में बरती जा रही सतर्कता

रिपोर्टर – बद्री प्रसाद

नौतनवां (महराजगंज) नेपाल सरकार द्वारा फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब सहित 28 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन के बाद सोमवार को स्थानीय नागरिकों,युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के ऊपर फायरिंग कर दी थी। जिसमें डेढ़ दर्जन से अधिक लोगो कि मृत्यु हो गयी। लगभग 400 से अधिक लोग घायल हो गये। जिसको लेकर नेपाल में विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले लिया। सरकार ने हिंसक रूप देखकर बॉर्डर से सटे भैरहवां और बुटवल में शाम 4:00 बजे से रात 10:00 बजे तक कर्फ्यू लग दिया। पुलिस के फायरिंग के बाद घटित घटना को लेकर प्रदर्शनकारी काफी आक्रोशित हो गये। प्रदर्शनकारी कई मंत्रियों,सरकारी भवनों, संसद भवन, राजनैतिक दलों के कार्यालय पर तोडफ़ोड़ और आगजनी किये। प्रदर्शनकारियों ने नेपाल के प्रमुख राजनैतिक दलों के नेताओं को पीट पीट कर लहूलुहान कर दिया। नेपाल कि राजधानी काठमांडू और देश के प्रमुख शहरों में GenZ के उग्र आदोलन को युवाओं ने तेज कर दिया। लोगों का गुस्सा सरकार के खिलाफ है। सोमवार को देर रात नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लगाया गया प्रतिबंध हटा लिया था। इस कि जानकारी
सरकार के संचार मंत्री ने दी उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता कि भावनाओं और देश में बने हालात को देखते हुये यह निर्णय लिया गया।
प्रदर्शनकारियों के विरोध प्रदर्शन से बिगड़ते हालातो को देखते हुये । मंगलवार को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास को भी खाली कर दिया। प्रधानमंत्री सचिवालय ने इस्तीफे कि पुष्टि कि है। काठमांडू सहित नेपाल के प्रमुख शहरों में हालात अभी भी तनावपूर्ण है।
नेपाल में त्रिभुवन अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सभी उड़ाने रद्द कर दी गयी है।