*ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत थाना हुजूरपुर पुलिस व मॉनीटरिंग सेल पुलिस कार्यालय बहराइच की प्रभावी पैरवी पर NDPS ACT के आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) के अर्थदण्ड की सजा।*
श्रीमान् पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 लखनऊ के आदेश के क्रम एवं पुलिस अधीक्षक महोदय बहराइच के निर्देशन में “ऑपरेशन कन्विक्शन” के अन्तर्गत चिन्हित अपराधों में दोषी अभियुक्तों के विरुद्ध माननीय न्यायालय द्वारा अधिकतम/त्वरित दण्डात्मक कार्यवाही हेतु जनपदीय पुलिस द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसके क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक महोदय (नगर) श्री रामानन्द कुशवाहा एवं क्षेत्राधिकारी कैसरगंज श्री रवि खोखर के निर्देशन में थाना हुजूरपुर के NDPS ACT से सम्बन्धित अभियुक्त को दोषसिद्ध कर सजा दिलायी गयी । दिनांक 28.10.2020 को थाना स्थानीय पुलिस टीम द्वारा जगदीशपुर चौराहे पर गश्त व चेकिंग संदिग्ध व्यक्ति/वाहन के दौरान अभियुक्त की जामा तलाशी से 1 किलो 100 ग्राम नाजायज चरस बरामद किया गया तथा अभियुक्त को पुलिस हिरासत में लेकर दिनांक 28.10.2020 को थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0- 398/2024 धारा 8/20 NDPS ACT बनाम बाबू पासवान पुत्र बहादुर पासवान, निवासी पहलीपुरवा, कटरा बाजार, जनपद गोण्डा के पंजीकृत कराया गया था । विवेचना के उपरांत विवेचक उ0नि0 उमेश चन्द्र यादव द्वारा आरोप पत्र 30.11.2020 को माननीय न्यायालय प्रेषित किया गया था । उक्त अभियोग में प्रभारी थाना हुजूरपुर, थाना पैरोकार आरक्षी अनूप कुमार चौहान, कोर्ट मोहर्रिर मु0आ0 ताड़कनाथ मिश्र व विशेष लोक अभियोजक श्री प्रेम प्रकाश मिश्रा द्वारा “आपरेशन कन्विक्शन” के आदेश के क्रम में प्रभावी पैरवी की गयी, जिसमें दिनांक 08.09.2025 को माननीय न्यायालय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश बहराइच द्वारा अभियुक्त बाबू पासवान उपरोक्त को दोषसिद्ध पाये जाने पर धारा 8/20 NDPS ACT के अन्तर्गत 10 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया, अर्थदण्ड न अदा करने की स्थिति में 01 वर्ष का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
दोषसिद्ध अभियुक्त का विवरण में बाबू पासवान पुत्र बहादुर पासवान, निवासी पहलीपुरवा, कटरा बाजार, जनपद गोण्डा
सजा का विवरण-
*दोषसिद्ध अभियुक्त को-*
* धारा 8/20 NDPS ACT के अन्तर्गत 10 वर्ष का सश्रम कारावास व ₹1,00,000/- (एक लाख रुपये) के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया, अर्थदण्ड न अदा करने की स्थिति में 01 वर्ष का अतिरिक्त कारावास।