बस्ती:सड़क बनाने के लिए गिट्टी सप्लाई करने वाली फर्म संचालक व ठेकेदार के बीच करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोतवाली थानाक्षेत्र के हवेली खास निवासी ठेकेदार संतोष पांडेय ने अपनी तहरीर में बताया कि गिट्टी सप्लाई करने वाली फर्मों का संचालन करने वाले पुरानी बस्ती थानाक्षेत्र के पांडेय बाजार निवासी प्रदीप विशनानी, येशा विशनानी, आशारानी विशनानी और नेहा विशनानी ने कूटरचना, हेरफेर कर तीन करोड़ 35 लाख 72 हजार 984 रुपये का भुगतान कर लिया। जब कि तय हुआ था यह तय हुआ कि ब्लैंक चेक सिक्योरिटी के रूप में देकर भुगतान करते रहेंगे। पीड़ित ने अपनी फर्म मेसर्स गोविन्द माधव का आठ चेक ब्लैंक लगभग दो करोड़ सिक्योरिटी के रूप में प्रदीप विशनानी को दे दिया। वर्ष 2019 से सितम्बर 2023 तक गिट्टी प्रदीप विशनानी गिट्टी सप्लाई का कार्य किया गया। इन्ही अवधि के अन्दर गिट्टी का भुगतान समय-समय पर जहां जिस व्यक्ति को प्रदीप विशनानी ने बताया, किया जाता रहा। अचानक अक्टूबर 2023 में प्रदीप विशनानी ने यह कहते हुए गिट्टी गिराना बंद कर दिया कि एक करोड़ 34 लाख रुपये बाकी हैं। हिसाब हुआ तो पता चला कि संतोष पांडेय की फर्म मेसर्स गोविन्द माधव का ही प्रदीप विशनानी के ऊपर एडवांस चल रहा है। आरोप है कि प्रदीप विशनानी अलग-अलग नाम फर्म का संचालन करता है। जिसमें कई बार में कुल 16 करोड़ 89 लाख 45 हजार 659 रुपये भुगतान किया गया। इस तरह 3 करोड़ 35 लाख 72 हजार 984 रुपये एडवांस भुगतान प्रदीप विशनानी की फर्मों को किया गया है। 2019 में दिए गए आठ ब्लैंक चेक प्रदीप विशनानी, येशा विशनानी, आशारानी विशनानी, नेहा विशनानी ने कूट रचित करके का गलत इस्तेमाल किया है।