अयोध्या में सदगुरुदेव दयाराम दास महाराज की 26वीं पुण्यतिथि धूमधाम से संपन्न

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या धाम ब्रह्मलीन अनंत विभूषित सदगुरुदेव स्वर्गीय दयाराम दास महाराज की 26वीं पुण्यतिथि आज अयोध्या धाम में बड़े श्रद्धा और धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर हजारों की संख्या में साधु-संतों और गृहस्थों ने उपस्थित होकर महाराज को श्रद्धांजलि दी और भोजन प्रसाद ग्रहण किया।
यह विशाल आयोजन पूज्य सदगुरुदेव के परम शिष्य श्री श्री 108 रामानंद दास रामायणी महाराज और राम उजागिर दास महाराज के पावन सान्निध्य और कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। दोनों ही पूज्य संतों ने अपने गुरुदेव के आदर्शों और शिक्षाओं को स्मरण करते हुए इस पुण्यतिथि समारोह को भव्य रूप प्रदान किया। सुबह से ही महाराज श्री दयाराम दास जी के भक्तों और अनुयायियों का तांता लगा रहा। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से हुई। उपस्थित सभी भक्तों ने गुरुदेव के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों साधु-संतों और आमजनों ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों ने बताया कि गुरुदेव की शिक्षाएं प्रेम, सेवा और सद्भाव पर आधारित थीं, और इस पुण्यतिथि समारोह का उद्देश्य उन्हीं शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। संतों ने अपने प्रवचनों में सदगुरुदेव दयाराम दास महाराज के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि महाराज श्री ने अपना पूरा जीवन समाज सेवा और धर्म प्रचार में समर्पित कर दिया था। यह आयोजन न केवल एक पुण्यतिथि समारोह था, बल्कि यह गुरु-शिष्य परंपरा और सनातन धर्म के मूल्यों का एक जीवंत प्रमाण भी था। आयोजकों ने सभी उपस्थित लोगों, विशेषकर साधु-संतों और स्थानीय निवासियों का आभार व्यक्त किया।