लखनऊ। प्रदेश के कृषि मंत्री नव्व सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को कृषि भवन के सभागार में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ वित्तीय वर्ष 2024-25 के कृषि कार्यक्रमों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लक्षित भौतिक एवं वित्तीय प्रगति शत-प्रतिशत हासिल की जाए और जारी की गई वित्तीय स्वीकृतियों का समर्पण स्वीकार नहीं किया जाएगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन जनपदों की प्रगति प्रदेश के औसत से कम रही है, उन्हें चेतावनी देते हुए तीन दिनों के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 110.84 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी जारी की।मंत्री ने कृषि निदेशक को निर्देश दिया कि मंडलवार नोडल अधिकारी नामित कर उन्हें नियमित रूप से जनपदों में भेजा जाए, जिससे योजनाओं की प्रगति की निगरानी की जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास किसानों के हितों पर निर्भर करता है, इसलिए कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को फील्ड-डे, गोष्ठियों, प्रदर्शनी, मेलों और रैलियों के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाया जाए। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में योगदान मिलेगा।प्रमुख सचिव कृषि नव्व रविंद्र ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं के लाभार्थियों की सूची कृषि विभाग के दर्शन पोर्टल पर अपलोड की जाए, जिससे उच्चाधिकारियों द्वारा इनका समय-समय पर निरीक्षण किया जा सके। उन्होंने योजनाधिकारियों को अपनी योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन करने के लिए जिलों का नियमित भ्रमण करने का भी निर्देश दिया।बैठक में कृषि सचिव नव्व इन्द्र विक्रम सिंह, विशेष सचिव कृषि नव्व ओ.पी. वर्मा, कृषि निदेशक नव्व जितेन्द्र सिंह तोमर, निदेशक (कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा) नव्व सुमिता सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।