जन औषधि दिवस पर सिविल अस्पताल में जन औषधि केंद्र का उद्घाटन, सस्ती दवाओं की उपलब्धता पर जोर

जन औषधि केंद्र के सातवें स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जन औषधि दिवस मनाया गया। इस मौके पर हजरतगंज स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महापौर सुषमा खर्कवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और जन औषधि केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद अमर पाल, पूर्व विधान परिषद सदस्य अरविंद त्रिपाठी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एपी सिंह, डॉ. विनय मिश्रा, डॉ. ज्योति कामले और अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।महापौर सुषमा खर्कवाल ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सक धरती पर भगवान के समान होते हैं और उनका मित्रवत व्यवहार तथा सहयोगी रवैया मरीज की आधी बीमारी को दूर कर सकता है, जबकि बाकी आधी बीमारी का इलाज दवाओं से होता है। उन्होंने कहा कि जन औषधि केंद्रों का उद्देश्य गुणवत्ता वाली दवाएं, सर्जिकल सामग्री और चिकित्सा से संबंधित अन्य आवश्यक वस्तुएं न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि जन औषधि केंद्रों में मिलने वाली दवाओं की कीमत अन्य ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 80 प्रतिशत तक कम होती है। उन्होंने लोगों से जन औषधि केंद्रों के प्रचार-प्रसार में योगदान देने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।राज्यसभा सांसद अमर पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत जन औषधि केंद्रों की शुरुआत की गई थी, जिसका उद्देश्य सभी को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, जिससे हर वर्ग के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि लखनऊ में पहले 10 सरकारी अस्पतालों में जन औषधि केंद्रों की शुरुआत की गई थी, लेकिन अब इसे 28 अस्पतालों तक विस्तारित करने की योजना है। उन्होंने यह भी बताया कि न्यू संजीवनी मेडिकल स्टोर को इन केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जन औषधि संरक्षण और निगरानी समिति का गठन किया गया है, जो इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगी।इस महत्वपूर्ण अवसर पर पूर्व विधान परिषद सदस्य अरविंद त्रिपाठी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.पी. सिंह, डॉ. विनय मिश्रा, डॉ. ज्योति कामले, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.आर. सिंह, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, डॉ. दीप्ति कौशल, मसर्रत जमा, विवेक चित्रांश, पार्षद संजय राठौर और शैलेंद्र शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी और सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफॉर) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान जन औषधि परियोजना के महत्व और इसके लाभों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे सस्ती दवाओं तक जनसाधारण की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया