मिल्कीपुर। अयोध्या ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के नाम पर भले ही सरकार द्वारा लाखों का बजट खर्च किया जा रहा हो, लेकिन मरीजों को एक्स-रे तक की सुविधा नहीं मिल पा रही है। यह आलम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिल्कीपुर में देखने को मिला, वहीं स्वास्थ्य एटीएम खराब होने से जांचें भी नहीं हो पा रही है।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त व जरूरी इलाज का सरकारी दावा खोखला साबित हो रहा है। मंगलवार को मरीज एक्स-रे कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिल्कीपुर पहुंचे एक्स-रे कक्ष खुला तो था, लेकिन टेक्नीशियन का छुट्टी पर होने के चलते मरीजों को मायूस होना पड़ा, कुछ कर्मचारियों को कहना है कि डार्क रूम सहायक आशीष कुमार शुक्ला लगभग दो महीनों से अनुपस्थित है।अधीक्षक के अनुसार उन्हें स्पष्टीकरण नोटिस भेजा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया है कि आशीष कुमार शुक्ला की अनुपस्थिति से टीबी प्रोग्राम भी प्रभावित हो रहा है।उन पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में आने का भी आरोप है। फिलहाल अधिकारियों ने उनका वेतन रोक दिया है। कई बार मौखिक और लिखित चेतावनी के बाद भी उनके काम में सुधार नहीं आया है। फिलहाल हड्डी रोग से संबंधित मरीजों को किसी प्रकार की राहत सीएचसी मिल्कीपुर से नहीं मिल रही है। लोग बगैर इलाज करायें वापस जा रहे हैं, और प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज करने को मजबूर हो रहे हैं।अधीक्षक डॉ पंकज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एक्स-रे टेक्निशियन बलवंत सिंह के घर में शादी होने के कारण दो दिन की छुट्टी पर हैं, वहीं डार्क रूम सहायक आशीष कुमार शुक्ला पिछले दो महीने से अनुपस्थित है।