जून माह से 18 प्रतिशत बढ़ सकते हैं स्कूल बसों के किराए, अभिभावकों की जेब पर पड़ेगा दबाव,,,,,


अनुराग लक्ष्य, 22 फरवरी
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
वोह ज़माने गए साहब जब हम खेल खेल में बीए और एमए पास कर लिया करते थे। अब तो हालात ऐसे हैं कि नर्सरी और केजी से ही जो व्यय अभिभावकों पर आता है। उनकी सारी सेलरी और पगार ही बच्चों की फीस किताबों पर खर्च हो जाता है। ऊपर से बच्चों के स्कूल बस के किराए का बोझ।
अब खबर आ रही है कि मुंबई के स्कूल बस यूनियन ने नए शैक्षणिक वर्ष में बस किराए में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव प्रत्येक स्कूल को भेज चुका है। इसलिए संभावना बन रही है कि स्कूल बस फीस अब महंगी हो जाएगी। वैसे इस पर अंतिम फैसला मार्च में होगा। क्योंकि हर साल मार्च में आयोजित बैठक में इसका निर्णय लिया जाता है।
आपको बताते चलें कि आम तौर पर मराठी और अंग्रेज़ी माध्यम के स्कूलों के लिए दरें कुछ हद तक समान होती हैं। जबकि अंतर राष्ट्रीय स्कूलों के लिए दरें थोड़ी ज़्यादा होती हैं। वर्तमान में स्कूल बस की फीस आम तौर पर 800 रुपए से लेकर 3000 रुपए प्रति माह तक हैं। अगर स्कूल बस समिति बस किराए बढ़ाने के प्रस्ताव को लागू कर लेती है तो भविष्य में यह फीस बढ़कर 945 रुपए से 3500 रुपए तक हो सकती है।