अयोध्या में श्रीराम कथा के दौरान कथावाचक ने जातिवाद के खिलाफ किया आह्वान

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या, 16 जनवरी: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में चल रही श्रीराम कथा के दूसरे दिन कथावाचक राधेश्याम शास्त्री ने श्रद्धालुओं से जातिवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राम लला के मंदिर में या कुंभ के दौरान कोई भी जाति नहीं पूछता, फिर हमें संकीर्णता के दायरे में क्यों बंधे रहना चाहिए?
शास्त्री जी ने कहा, “सनातन धर्म में जातिवाद बढ़ रहा है। हमें जाति से ऊपर उठकर सनातन धर्म को एक मानना चाहिए।” उन्होंने कहा कि मां संस्कृति और संस्कार की जननी होती है और हमें मां की तरह ही बच्चों को संस्कारित करना चाहिए।
कथावाचक ने हिंसा और पाप के खिलाफ लड़ने और पुण्य के काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राम लला के प्रतिष्ठित होने के बाद अब सनातन धर्म के उत्थान का समय आ गया है। उन्होंने सेवा को भजन बताया और कहा कि मठ-मंदिरों की सेवा करना भी भजन ही है। शास्त्री जी ने कहा कि धर्म संशय का विषय नहीं, विश्वास का विषय है। उन्होंने रामकथा को भगवान से मिलने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि राम लला के प्रकटीकरण पर नास्तिकों ने सवाल उठाए थे, लेकिन आज रामलला अपने आश्रम में विराजमान हैं। इस अवसर पर डॉ. अनिल मिश्र, प्रचारक गोपाल, इकबाल अंसारी, उमेश पोरवाल, रामशंकर, प्रदीप गुलशन, रचना शर्मा, संत बेलूराम, कैप्टन बृजेश सिंह, प्रेमप्रकाश मिश्र, ओमप्रकाश पांडेय और रामबहादुर सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।