महाकुंभ का पहला स्नान

 प्रयागराज। महाकुंभ 2025 का पहला प्रमुख स्नान  पौष पूर्णिमा पर होगा। स्नान को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। बड़ी संख्या में कल्पवासी मेले में में आ चुके हैं। शनिवार को प्रदोष के दिन श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। अफसरों ने पहले स्नान और पहले अमृत (शाही) स्नान की तैयारियों को पूरे दिन अंतिम रूप दिया। महाकुम्भ में इस बार पौष पूर्णिमा और मकर संक्रांति का स्नान लगातार पड़ रहा है। सोमवार को पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ मेला क्षेत्र में कल्पवास शुरू हो जाएगा।
वहीं मकर संक्रांति के अवसर पर पहला अमृत स्नान होगा। स्नान के लिए 10.5 किलोमीटर का घाट तैयार कर लिया गया है। अखाड़ों के संगम प्रवेश के लिए दो रास्ते दिए गए हैं। त्रिवेणी पांटून पुल के एक हिस्से से सभी 13 अखाड़े क्रमवार प्रवेश करेंगे। बैरिकेडिंग के बीच से नागा साधु संगम आएंगे, वहीं बगल के एक रास्ते से उनका वापसी मार्ग रखा गया है। इसके बगल में एक मार्ग प्रशासन के लिए होगा। इसके बगल एक मार्ग को आपातकाल के लिए रखा जाएगा।
मेला प्रशासन का अनुमान है कि सभी प्रमुख स्नान पर्वो पर हर दिन दो करोड़ से अधिक श्रद्धालु आएंगे। पौष पूर्णिमा पर इतने श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है। मकर संक्रांति पर और श्रद्धालु आएंगे। वहीं मौनी अमावस्या पर आठ से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बार पुष्प वर्षा का ऐलान किया है। ऐसे में पहले दोनों प्रमुख स्नान पर्वो पर पुष्प वर्षा की तैयारी पूरी कर ली गई हैं।
डीएम महाकुम्भ, विजय किरन आनंद ने कहा कि महाकुंभ को लेकर को अंतिम रूम दिया जा चुका है। सभी प्रमुख स्नान पर्वो पर पुष्प वर्षा की व्यवस्था की गई है। सभी प्रमुख स्नान पर्वो पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन का अनमान है।