अयोध्या स्वामी आकशानंद महाराज ने अयोध्या के विकास को विश्व स्तर पर महत्वपूर्ण बताया है और इसे धार्मिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से एक व्यापक पहल के रूप में देखा है। उनका मानना है कि भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा के 540 वर्षों बाद अयोध्या में हो रहे विकास कार्य न केवल भारत बल्कि समूचे विश्व के लिए कल्याणकारी हैं। स्वामी महाराज ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को तो जरूरी माना, लेकिन पुरानी सनातनी शिक्षा व्यवस्था को अधिक महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि भारत की पुरानी शिक्षा व्यवस्था हमें संस्कृति, विज्ञान और संस्कारों से जोड़ती है, और इसे आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के साथ मिलाकर एक नई शिक्षा प्रणाली बनानी चाहिए। उनका उद्देश्य यह है कि जैसे 15वीं शताब्दी में भारत विश्व गुरु था, वैसे भविष्य में भारत फिर से दुनिया का गुरु बने।अयोध्या में हो रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भूमिका को सकारात्मक दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। हालांकि, स्वामी आकशानंद ने कुम्भ मेले में मुसलमानों के प्रवेश पर उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज के लोग हिंदू धर्म की खानपान और सांस्कृतिक मान्यताओं का सम्मान नहीं करते, इसलिए उनका प्रवेश रोका जाना चाहिए।