बस्ती। जिले में रेल पटरियों की निगहबानी अब ट्रैक मित्र करेंगे। आरपीएफ ने रेल लाइनों के किनारे बसे गांवों, कस्बों के बीच जागरूकता अभियान शुरू किया है, ट्रैक मित्र बना कर उनकी नैतिक जिम्मेदारी सुनिश्चित किया जा रहा है।
ट्रेनों को डी रेल होने से रोकने के लिए रेलवे प्रोटक्शन फोर्स (आरपीएफ) ने मोर्चा संभाल लिया है। इसके लिए जहां डीएम, एसपी समेत उच्चाधिकारियों ने आरपीएफ पोस्ट पर मीटिंग कर रेल लाइनों की निगरानी करने का निर्देश दिया है, वहीं रेलवे सुरक्षा के अधिकारी भी लगातार रेल पटरियों से जुड़ी बसावटों में पहुंच कर जागरूकता अभियान चला रहे हैं। आरपीएफ टीम ने इसके लिए ट्रैक मित्रों को तैनात करना शुरू कर दिया है ताकि रेल पटरियों की निगरानी की जा सके। बस्ती क्षेत्र से गुजरने वाली रेलवे लाइन पर कम से कम 20 ट्रैक मित्र तैनात किए जाने हैं, लेकिन टीम ने अधिक से अधिक ट्रैक मित्र बनाए जाने के लिए जन संपर्क अभियान तेज कर दिया है। जिसका नतीजा यह हुआ है कि 11 ट्रैक मित्र बन चुके हैं और 10 युवाओं का सत्यापन किया जा रहा है।
टीम के अनुसार बिना पारिश्रमिक व जन कल्याण की भावना से जुड़े इन ट्रैक मित्रों के जरिए रेल पटरियों की निगरानी कराई जा रही है। समय समय पर इन्हें रेल सुरक्षा से जुड़ी बारीकियां भी समझाई जा रही हैं। इन्हें समयानुसार सम्मानित व पुरस्कृत भी किया जाएगा। आरपीएफ इंस्पेक्टर संजय कुमार मिश्र ने बताया कि बस्ती-गोरखपुर व बस्ती-गोंडा रेल खंड पर निश्चित अंतराल पर ट्रैक मित्रों को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं। इनके लिए रजिस्टर बनाया गया है और उनके मोबाइल नंबर से आने वाली सूचनाओं को सूचीबद्ध कर निगरानी कराई जा रही है।