गोसाईंगंज-अयोध्या गोसाईंगंज कस्बे के रेलवे स्टेशन के पीछे बने डाकबंगले के खंडहरनुमा कमरे में गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मिली युवती की शव के मामले का खुलासा कोतवाली पुलिस ने कर दिया।युवती की हत्या उसके ही प्रेमी ने किया था और शव को डाकबंगले के में बने खंडहरनुमा एक कमरे में छोड़कर फरार हो गया था।प्रेमी ने ही युवती के माँ को फोन कर बताया था कि उसकी बेटी का शव वँहा पड़ा हुआ है जाकर ले लो। एसएचओ परशुराम ओझा के मुताबिक युवक की पहचान दीपक कुमार पुत्र लहुरी निवासी देवकली,थाना कूरेभार जनपद सुल्तानपुर के रूप में हुई। जिसे रात के दो बजे मुखबिर की सूचना पर महादेवा मंदिर रोड कस्बा गोसाईगंज से गिरफ्तार किया गया।युवक के पास से मृतका का दो मोबाइल फोन भी बरामद हुआ।कड़ी पूंछताछ में युवक ने हत्या की बात कबूलते हुए बताया कि उसका व सविता का प्रेम प्रसंग तीन साल से चल रहा था।वह मुंबई में नौकरी करता था।पांच माह वह घर से भाग कर उसके साथ मुंबई में भी रह चुकी है।उसके बाद वह बालगोविंद नामक एक अन्य युवक के साथ बातचीत करने लगी।उसने उसका फोन तक उठाना बंद कर दिया,जो उसे नागवार लगा।बीते 21अगस्त को उसने सविता को फोन करके गोसाईंगंज कस्बे में बुलाया और उसे लेकर स्टेशन के पीछे बने डाकबंगले में पहुंचा।जंहा दोनो को तकरार हुई और उसका गला दबाकर हत्या कर शव को वंही छोड़कर भाग गया। गुरुवार को उसी ने उसकी माँ को फोन करके शव वहां होने की बात भी बताई थी।गुरुवार की दोपहर बाद अंबेडकर नगर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के कनक पट्टी दशमढे निवासी कमलादेवी ने गोसाईगंज कोतवाली पहुंचकर बताया कि गुरुवार को एक फोन आया किसी ने बताया कि तुम्हारी लड़की की लाश गोसाईगंज स्टेशन के पास पड़ी है। महिला की पुत्री घर से 21अगस्त को इलाज के लिए निकली थी। लेकिन उसकी गुमशुदगी की कोई भी सूचना कहीं दर्ज नही है। पुलिस के घण्टो खोजबीन के बाद डाकबंगले के पुराने खंडहरनुमा कमरे से एक सड़ी लाश बरामद हुई। शव का हाथ और पैर ही बचे है बाकी पेट से सीने तक का हिस्सा बिल्कुल खत्म था,उसमें कपड़ा भरा था सिर का भी पता नही था।बताते चले कि हत्यारोपी विवाहित है और उसके दो बच्चे भी है।विधिक कार्यवाही कर हत्यारोपी का चालान कर जेल भेज दिया गया। आरोपी को गिरफ्तार करने में एसएचओ परशुराम ओझा,एसएसआई वीरेंद्र कुमार राय,एसआई रामचन्दर मौर्य व सिपाही मयंक पाल की भूमिका रही।