मसीहा बना 10 महीने का बच्चा, रुकवा दी इजराइल और हमास की जंग

इजराइल , अगस्त ।  इजराइल और हमास के बीच छिड़ी जंग जिसे रूकवाने में कई देश नाकाम साबित हुए हैं, तो वहीं एक 10 महीने का बच्चा मसीहा बनकर सामने आया है। जिस की वजह से दोनों देशों के बीच हो रही जंग पर विराम लग गया है।
करीब 11 महीने से जारी जंग 3 दिन के लिए रोकने पर सहमति बन गई है। डब्ल्यूएचओ ने बताया है कि हमास और इजराइल 3-3 दिनों के लिए अलग-अलग ज़ोन में सीज़फायर के लिए राज़ी हैं। दरअसल, 23 अगस्त को डब्ल्यूएचओ ने गाज़ा में 25 साल बाद पोलियो वायरस मिलने की पुष्टि की थी। गाजा में 10 महीने का बेबी अब्दुल रहमान टाइप 2 पोलियो वायरस से ग्रसित होकर विकलांग हो गया है। डब्ल्यूएचओ  ने कहा था कि गाज़ा जंग के बीच बच्चों को पोलियो वैक्सीन देना बेहद मुश्किल हो रहा है और करीब साढ़े 6 लाख बच्चों को तत्काल पोलियो वैक्सीनेशन की जरूरत है। डब्ल्यूएचओ  के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि इजराइली सेना और हमास 3 अलग-अलग ज़ोन में 3 दिनों के लिए युद्धविराम को राजी हो गए हैं। गाज़ा पट्टी में हमास और इजराइल के बीच 3 दिनों के सीज़फायर के दौरान 6 लाख 40 हज़ार बच्चों के लिए वैक्सीनेशन अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने बताया है कि 3 दिन के सीज़फायर के दौरान सेंट्रल गाज़ा से पोलियो वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत होगी। इसके बाद दक्षिणी ग़ाज़ा और फिर उत्तरी ग़ाज़ा में पोलियो अभियान चलाया जाएगा। डब्ल्यूएचओ  के अधिकारी रिक पीपरकोर्न ने बताया है कि जरूरत पड़ने पर हर ज़ोन के लिए चौथे दिन भी सीज़फायर के लिए इजराइल और हमास के बीच समझौता हुआ है। वहीं हमास के एक अधिकारी बासेम नईम ने कहा है कि हम इस अभियान की सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय संगठन के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं। इससे ग़ाज़ा पट्टी में करीब साढ़े 6 लाख बच्चों को पोलियो से सुरक्षा मिलेगी।