दुधवा टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के प्रयोग में लाए जाने वाले वाहनों में जीपीएस लगवाने का प्रस्ताव हुआ स्वीकृति

लखनऊ। दुधवा टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए इस बार शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। सभी तरह की पर्यटन गतिविधियों का शुल्क पिछले वर्ष के बराबर ही रहेगा। दुधवा टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन की बुधवार को हुई बैठक में 10 प्रतिशत शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था, लेक‍िन फाउंडेशन के सदस्यों की आपत्ति के बाद इसे निरस्त कर दिया गया ।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डा. अरुण सक्सेना की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में बताया गया कि फाउंडेशन के पास 415.60 लाख रुपये उपलब्ध हैं। वर्तमान वित्तीय सत्र 2024-25 के लिए 265.80 लाख रुपये के खर्च को हरी झंडी दी गई।

मंत्री ने कहा कि मानव वन्य जीव संघर्ष, पर्यटन एवं फ्रंटलाइन स्टाफ पर किए जाने वाले खर्च को प्राथमिकता दी जाए। आवंटित धनराशि को इसी पर्यटन वर्ष में पूरा खर्च कर लिया जाए। सुहेली और गेरुवा नदी की शिल्ट सफाई के लिए प्रस्ताव बनाकर उच्च स्तर पर भेजने के निर्देश दिए। बैठक में पर्यटन के प्रयोग में लाए जाने वाले वाहनों में जीपीएस लगवाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। बलहा की विधायक ने वन क्षेत्र के नजदीक ग्रामीणों के लिए लाइट और शौचालय बनवाने का प्रस्ताव रखा था। इसे फाउंडेशन ने स्वीकृति दे दी है। बैठक में पलिया के विधायक रोमी साहनी, अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह, विभागाध्यक्ष सुधीर कुमार शर्मा व प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव संजय श्रीवास्तव मौजूद थे।